शराब खपत में रायपुर नंबर-1, टारगेट हासिल करने में साढ़े 1200 करोड़ की कमी
Raipur : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर आबकारी विभाग अपना सालाना टारगेट पूरा नहीं कर पाया। राज्य के आबकारी विभाग का प्रदर्शन वित्तीय वर्ष 2025-26 में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। सरकार ने 12 हजार करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य तय किया था, लेकिन विभाग केवल 10,751 करोड़ रुपए ही जुटा सका। इस तरह कुल 1,249 करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई।
शराब खपत में रायपुर आगे
आंकड़ों के मुताबिक, शराब खपत के मामले में रायपुर सबसे आगे रहा, जहां 1955.53 करोड़ रुपए की बिक्री हुई। वहीं दुर्ग में 1139.75 करोड़ और बिलासपुर में 973.02 करोड़ रुपए की शराब की खपत दर्ज की गई। इसके बावजूद कुल मिलाकर राज्य लक्ष्य हासिल करने में पीछे रह गया।
आदिवासी जिलों में काम बिक्री
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध शराब कारोबार, सीमावर्ती इलाकों में तस्करी और कुछ जिलों में खपत में गिरावट इसकी प्रमुख वजहें रहीं। छोटे और आदिवासी जिलों में शराब की बिक्री अपेक्षाकृत कम रही, जिससे राजस्व पर असर पड़ा।
बार रेस्टोरेंट में खपत
बार और रेस्टोरेंट के जरिए करीब 273 करोड़ रुपए की प्रीमियम शराब की खपत हुई, जिसमें सबसे ज्यादा योगदान रायपुर का रहा। यह भी सामने आया कि शहरी क्षेत्रों में प्रीमियम ब्रांड की मांग अधिक है।
दुर्ग और बिलासपुर में भी खपत
राजस्व के मामले में टॉप जिलों में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर शामिल रहे, जबकि नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, बलरामपुर और कोरिया जैसे जिलों में शराब की बिक्री सबसे कम रही।
यह जिले रहे आगे
रायपुर - 1955.53 करोड़
दुर्ग - 1139.75 करोड़
बिलासपुर - 973.02 करोड़
बलौदाबाजार - 427.56 करोड़ राजनांदगांव - 360.29 करोड़
आदिवासी जिलों में इतनी कमाई
नारायणपुर - 19.11करोड़
सुकमा - 20.61 करोड़
जशपुर - 21.04 करोड़
बलरामपुर - 26.71 करोड़
कोरिया 22.69 करोड़
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