सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव जेल से रिहा, शराब घोटाले के आरोपियों को मिली राहत
Raipur : छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। इस मामले में जेल में बंद रही तत्कालीन सीएम की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया और तांत्रिक केके श्रीवास्तव को जमानत मिलने के बाद आखिरकार जेल से रिहा कर दिया गया है।
एक महीने पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सौम्या चौरसिया को जमानत दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जैसे ही इस मामले में चालान पेश किया जाएगा, उसी दिन उनकी रिहाई संभव होगी। इसी शर्त के आधार पर अब दोनों को राहत मिली है।
ईओडब्ल्यू ने पेश किया चालान
बुधवार को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में इस घोटाले से जुड़ा 1500 पन्नों का 8वां पूरक चालान पेश किया।इस चालान में घोटाले के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया, केके श्रीवास्तव और देवेंद्र डडसेना की भूमिका का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
जेल से बाहर आने के बाद केके श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल से उनके पुराने संबंध रहे हैं, लेकिन वर्तमान में कोई खास संपर्क नहीं है।
दोस्ती कोई गुनाह नहीं
केके श्रीवास्तव ने यह भी दावा किया कि उनके संबंध केवल एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा से भी संबंध रहे हैं और भाजपा नेताओं से भी उनके व्यक्तिगत रिश्ते हैं। उन्होंने साफ कहा कि वे किसी पार्टी से जुड़े नहीं हैं
और व्यक्तिगत संबंध रखना कोई अपराध नहीं है। अपने तांत्रिक होने के आरोपों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के बाद उन्होंने दाढ़ी और बाल बढ़ाए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे तांत्रिक हैं। पूजा-पाठ करना गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी कार्रवाई का डर नहीं है
, क्योंकि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। रिहाई के बाद केके श्रीवास्तव लग्जरी कार में सवार होकर रवाना हो गए। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर इस घोटाले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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