पीजी मेडिकल स्टडी लीव छत्तीसगढ़; PG की पढ़ाई के लिए 2 नहीं अब 3 साल की छुट्टी, पिछले साल पढ़ने गए छात्रों को भी मिलेगा लाभ

VINAY VERMA | Apr 06, 2026, 22:26 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने मेडिकल में पीजी करने के लिए डॉक्टरों को अब दो नहीं, तीन साल की अध्ययन छुट्टी देने का फैसला लिया है। यह निर्णय मेडिकल एजुकेशन और हेल्थ डिपार्टमेंट दोनों के लिए लागू होगा।

Raipur।छत्तीसगढ़ सरकार मेडिकल में पीजी करने के लिए अब दो नहीं तीन साल की छुट्टी देगी। यह आदेश छत्तीसगढ़ मेडिकल एजुकेशन और हेल्थ डिपार्टमेंट दोनों के लिए जारी किया गया है।



लंबे समय से इस बदलाव की मांग की जा रही थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इससे प्रदेश के सैकड़ों डॉक्टरों सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों को राहत मिलेगी और वे बिना दबाव के अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकेंगे।



डॉक्टर फेडरेशन की मेहनत रंग लाई

इस फैसले के पीछे (छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग )छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन के बीच कई बार बात हुई। जिसके बाद सरकार को यह बड़ा निर्णय लेना पड़ा। फेडरेशन का कहना है कि यह सिर्फ एक आदेश नहीं, बल्कि डॉक्टरों के भविष्य को बेहतर बनाने वाला कदम है।



स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा बड़ा असर

अध्ययन अवकाश बढ़ने से डॉक्टर अब बेहतर तरीके से पीजी की पढ़ाई पूरी कर पाएंगे। इससे उनकी विशेषज्ञता बढ़ेगी। इसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई देगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। सरकारी अस्पतालों की गुणवत्ता भी सुधरेगी।



फेडरेशन ने दिया धन्यवाद

फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। उनके अनुसार, लंबे समय से इस मुद्दे को सरकार के सामने रखा जा रहा था और अब जाकर इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है।



विवाद भी शुरू हो गया

इस फैसले को लेकर एक बड़ा विवाद भी खड़ा हो गया है। 2025 से पहले पीजी के लिए अध्ययन अवकाश पर गए डॉक्टरों को इस नई व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे कई डॉक्टर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और उनके सामने प्रशासनिक समस्याएं खड़ी हो गई हैं।



पुराने बैच के डॉक्टरों की बढ़ी परेशानी

2021, 2022 और 2023 बैच के वे डॉक्टर जो पहले ही अध्ययन अवकाश पर जा चुके हैं, उन्हें इस नए नियम का फायदा नहीं मिल रहा। फेडरेशन का कहना है कि उस समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनके साथ न्याय होगा, लेकिन अब तक उनकी फाइलों पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ है। इससे असमानता की स्थिति पैदा हो गई है।



जुड़ा अध्यक्ष ने भी उठाई आवाज

(पीजी मेडिकल स्टडी लीव छत्तीसगढ़)फेडरेशन के जुड़ा अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने भी सरकार से अपील की है कि पुराने डॉक्टरों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी की जाए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लंबित रखना उचित नहीं है और इससे डॉक्टरों में असंतोष बढ़ रहा है।



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