डिजिटल हुआ छत्तीसगढ़ मनरेगा; मजदूरों की हाजिरी से लेकर पेमेंट तक सब ऑनलाइन, पारदर्शिता में बना नंबर वन राज्य

Umeshwari Baghel | Apr 09, 2026, 19:12 IST
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छत्तीसगढ़ ने मनरेगा योजना के तहत 2025-26 में अच्छी प्रगति की है। राज्य ने 97% श्रमिकों का ई-केवायसी पूरा किया और 11.32 लाख परिसंपत्तियों की जियो टैगिंग की। 11,668 ग्राम पंचायतों में जीआईएस आधारित कार्य योजना बनाई गई है।

NEWS IN SHORT

  • मनरेगा में छत्तीसगढ़ का डंका 58 लाख से ज्यादा मजदूरों का हुआ ई-केवायसी
  • डिजिटल हुआ छत्तीसगढ़ का मनरेगा, अब क्यूआर कोड से मिलेगी काम की पूरी जानकारी
  • मनरेगा में फर्जीवाड़ा खत्म फेस ऑथेंटिकेशन से लगेगी हाजिरी और जियो टैगिंग से निगरानी
  • छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में मनरेगा का शानदार काम, नई तकनीक से आई पारदर्शिता
  • हर महीने की 7 तारीख को रोजगार दिवस, मनरेगा मजदूरों की समस्याओं का होगा तुरंत समाधान

NEWS IN DETAIL

Raipur। छत्तीसगढ़ राज्य ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के विभिन्न प्रमुख मानकों पर शानदार प्रगति की है। इस साल के आंकड़े राज्य की सशक्त योजनाओं और पारदर्शिता में सुधार को उजागर करते हैं।



ई-केवायसी के माध्यम से आई पारदर्शिता

राज्य ने 1 अप्रैल 2026 तक 97 प्रतिशत श्रमिकों का ई-केवायसी पूरा कर लिया है, जिससे योजना के अंतर्गत श्रमिकों को मिलने वाले भुगतान में पारदर्शिता और तेजी आई है। 58.16 लाख श्रमिकों का ई-केवायसी पूरा किया गया है, जो सरकार की डिजिटल पहल की बड़ी सफलता है।



जियो टैगिंग और कार्यों की मॉनिटरिंग

मनरेगा के अंतर्गत 11.32 लाख निर्मित परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग भी किया गया है। इसके जरिए कार्यों की मॉनिटरिंग को और भी प्रभावी और पारदर्शी बनाया गया है। अब सरकार को यह जानकारी आसानी से मिल रही है कि योजनाओं का किस स्थान पर और कितनी गुणवत्ता से क्रियान्वयन हो रहा है।



जीआईएस आधारित कार्य योजना

2026-27 के लिए युक्तधारा पोर्टल के जरिए 11,668 ग्राम पंचायतों में 2,86,975 कार्यों की जीआईएस आधारित कार्य योजना तैयार की गई है। यह योजना स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार है, जिससे हर ग्राम पंचायत में योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो रहा है।



एनएमएमएस प्रणाली से उपस्थिति में आई पारदर्शिता

मनरेगा कार्यस्थलों पर फेस ऑथेंटिकेशन आधारित एनएमएमएस (NMMS) प्रणाली का उपयोग शुरू किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति की निगरानी अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है, जिससे योजनाओं का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है।



QR कोड से नागरिकों को जानकारी

ग्राम पंचायतों में लगाए गए QR कोड के माध्यम से अब नागरिक मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 1 सितंबर से अब तक 5 लाख से अधिक स्कैन किए गए हैं, जो इस पहल की उपयोगिता को बता रहे हैं।



रोजगार दिवस और समाधान का मंच

राज्य में हर माह 7 तारीख को चावल उत्सव के साथ रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन किया जाता है। इस मंच पर हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाता है और योजनाओं की जमीनी स्तर पर समीक्षा की जाती है।



छत्तीसगढ़ में मनरेगा योजना के तहत इन नई पहलों के माध्यम से न केवल कार्यों की प्रभावी निगरानी हो रही है, बल्कि राज्य सरकार की पारदर्शिता और विकास की दिशा में एक नया आयाम भी बना है।



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