गंभीर अपराध, पॉक्सो और एनडीपीएस के दोषियों के लिए ओपन जेल के दरवाजे बंद

Umeshwari Baghel | Aug 31, 2026, 18:30 IST
छत्तीसगढ़ खुली जेल के नए नियम
छत्तीसगढ़ में खुली जेल के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। अच्छे आचरण वाले 10 साल या उससे ज्यादा सजा काट चुके कैदियों को राहत मिल सकती है। हत्या, रेप, पॉक्सो और गंभीर अपराधों में दोषी कैदियों को खुली जेल में प्रवेश नहीं मिलेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में खुली जेल के नए नियम, अच्छे कैदियों को मिलेगा मौका


10 साल सजा काट चुके कैदियों को राहत, गंभीर अपराधियों पर रोक


बेमेतरा खुली जेल तैयार, जानिए कौन कैदी हो सकेंगे शामिल


अच्छे आचरण वाले कैदियों को मिलेगी खुली हवा में रहने की सुविधा


हत्या, रेप और पॉक्सो दोषियों की खुली जेल में नो एंट्री



Raipur। छत्तीसगढ़ में अब अच्छे व्यवहार वाले कुछ कैदियों को खुली जेल में रहने का मौका मिल सकेगा। राज्य सरकार ने खुली जेल के संचालन और कैदियों के चयन को लेकर नए नियम तय कर दिए हैं। इन नियमों के तहत ऐसे कैदी जिनका जेल में आचरण अच्छा रहा है और जिन्होंने लंबी सजा का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है, उन्हें खुली जेल में भेजा जा सकता है।



प्रदेश की पहली खुली जेल बेमेतरा जिले के ग्राम पथर्रा में तैयार हो चुकी है। इसके अलावा राज्य के अलग-अलग जिलों में 13 और खुली जेल बनाने की योजना है। इन जेलों का उद्देश्य कैदियों को सुधार और पुनर्वास का अवसर देना है।



किन कैदियों को मिलेगा खुली जेल का लाभ

खुली जेल में भेजे जाने वाले कैदियों के लिए सरकार ने कई शर्तें रखी हैं। कैदी का पुराना रिकॉर्ड अच्छा होना जरूरी होगा। जेल में रहने के दौरान उसने कोई गंभीर अनुशासनहीनता नहीं की होनी चाहिए।



ऐसे कैदी जिनको आजीवन कारावास या 10 साल या उससे ज्यादा की सजा मिली है, वे पात्र हो सकते हैं। इसके लिए कैदी की उम्र 30 साल से अधिक और 60 साल से कम होनी चाहिए।



कैदी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। वह मेहनत करने में सक्षम होना चाहिए। उसे कम से कम 7 साल की सजा पूरी करनी होगी। इसमें कम से कम 3 साल दोषसिद्ध कैदी के रूप में जेल में बिताना जरूरी होगा।इसके अलावा कैदी को कम से कम दो बार पैरोल या छुट्टी मिल चुकी होनी चाहिए और उसका व्यवहार संतोषजनक रहा हो।



हत्या, रेप और पॉक्सो मामलों के कैदियों को नहीं मिलेगी अनुमति

सरकार ने गंभीर अपराधों में दोषी कैदियों को खुली जेल से बाहर रखा है। हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार, पॉक्सो एक्ट और महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों में सजा काट रहे कैदी इसके पात्र नहीं होंगे।



इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), छत्तीसगढ़ विशेष जनसुरक्षा अधिनियम, यूएपीए, टाडा, पोटा, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट जैसे मामलों में बंद कैदियों को भी खुली जेल में जगह नहीं मिलेगी। मृत्युदंड पाए कैदी या जिनकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला गया है, वे भी इस सुविधा के दायरे से बाहर रहेंगे।



स्थानीय और अविवाहित कैदियों पर भी रोक

नियमों के अनुसार कुछ अन्य श्रेणी के कैदियों को भी खुली जेल में भेजने की अनुमति नहीं होगी। इसमें अविवाहित कैदी, दूसरे राज्य के निवासी और उसी जिले के निवासी शामिल हैं, जहां खुली जेल बनाई गई है। मानसिक या शारीरिक रूप से काम करने में असमर्थ कैदी भी इसके लिए पात्र नहीं होंगे।



चयन के लिए बनाई गई समिति करेगी फैसला

खुली जेल में कैदियों के चयन की प्रक्रिया तय कर दी गई है। इच्छुक कैदी जेल अधीक्षक के पास आवेदन कर सकेंगे।इसके बाद हर तीन महीने में पात्र कैदियों की सूची तैयार की जाएगी। अंतिम निर्णय के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है।



इस समिति की अध्यक्षता जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक करेंगे। समिति में जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और खुली जेल के अधीक्षक शामिल होंगे।



रोजगार से जोड़ा जाएगा कैदियों को

खुली जेल में रहने वाले कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। जेल परिसर में खेती, पशुपालन, जेल उद्योग और अन्य रोजगार से जुड़ी गतिविधियां कराई जाएंगी।



इन कामों से होने वाली आय राज्य सरकार के खाते में जमा होगी। सरकार का उद्देश्य कैदियों को सजा पूरी होने के बाद सामान्य जीवन में लौटने के लिए तैयार करना है।



छत्तीसगढ़ में खुली जेल की यह व्यवस्था सुधारात्मक न्याय की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। इसमें अच्छे आचरण वाले कैदियों को जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा। वहीं गंभीर अपराधों में दोषी कैदियों के लिए नियम सख्त रहेंगे।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ की खुली जेल में कौन से कैदी रह सकेंगे?
    अच्छे आचरण वाले ऐसे कैदी जो 10 साल या उससे ज्यादा की सजा काट चुके हैं और तय नियमों को पूरा करते हैं, वे खुली जेल के लिए पात्र हो सकते हैं।
  2. किन अपराधों के दोषियों को खुली जेल में प्रवेश नहीं मिलेगा?
    हत्या, बलात्कार, पॉक्सो, एनडीपीएस, यूएपीए और अन्य गंभीर अपराधों में दोषी कैदियों को खुली जेल की सुविधा नहीं मिलेगी।
  3. छत्तीसगढ़ में पहली खुली जेल कहां बनाई गई है?
    छत्तीसगढ़ की पहली खुली जेल बेमेतरा जिले के ग्राम पथर्रा में तैयार की गई है। इसके अलावा प्रदेश में 13 और खुली जेल बनाने की योजना है।

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