Chhattisgarh : अवैध प्लॉटिंग के मामलों में रसूखदारों पर कार्रवाई नहीं , जिनके खिलाफ FIR वो भूमाफिया नहीं
शिव शंकर सारथी@ RAIPUR. रायपुर नगर निगम के कमिश्नर ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की है। अपने एक्शन के बारे में उन्होंने इस बार तो बकायादा गूगल मैप की इमेज भी दी है। the sootr ने नगर निगम के कमिश्नर के दावों की पड़ताल करने के लिए दिसंबर 2023 की एक लिस्ट हासिल की है। यह लिस्ट नगर निगम कार्यालय में ही बनी है, और इसमें 278 कार्रवाई का विवरण हैं। पूरी सूची में कुछ नाम चौंकाने वाले हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया है।
इस लिस्ट में जमीन कारोबारी दिलेर सिंह होरा का नाम हैं, और इनके परिवार के लोग कांग्रेस- बीजेपी की सियासत में दम-खम रखते हैं। अनवर हुसैन पार्षद रहे हैं, कांग्रेस के नेता हैं। अशोक खेमका, योगेश वर्मा और मुन्ना मिश्रा का नाम दस्तावेजों में है, लेकिन the sootr ने पड़ताल में ये पाया कि रसूखदारों को छोड़कर गरीबों के खिलाफ नगर निगम एफआईआर करवाने में सफल रहा है।
पढ़िए, पड़ताल भरी एक रिपोर्ट
लिस्ट में क्या क्या : नगर निगम कार्यालय में बनी यह लिस्ट अवैध निर्माण या अवैध प्लॉटिंग के बारे में एक प्राथमिक दस्तावेज है। लिस्ट के नामों को स्थानीय/संबंधित थाना प्रभारी, तहसील कार्यालय और पंजीयन कार्यालय के साथ शेयर किया गया है। कुछ प्रकरणों में रीमाइंडर चिठ्ठी भी लिखी गई, लेकिन ओवरऑल देखा जाए तो यही लगता है कि शासकीय कार्यालयों में समन्वय का बड़ा अभाव है।
कार्रवाई 278 के खिलाफ, सिर्फ 33 के खिलाफ FIR
अवैध प्लॉटिंग के शिकार लोगों के नाम हजारों में हैं। जमीन के मामलों में रायपुर पुलिस सालों से एक अलिखित आदेश के चलते आवेदन ही नहीं लेती है। नगर निगम की यह कार्रवाई चूंकि जिला कलेक्टर के आदेश पर होती है, हो रही है। इसलिए पुलिस ने कुछ मामलों में ही एफआईआर दर्ज किया है। the sootr के पास मौजूद दस्तावेज के मुताबिक 278 में से सिर्फ 33 मामलों में ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
किस-किस जोन में हुई नगर निगम की कार्रवाई
जोन नंबर, 1,2,5,6,7,8,9,10 में नगर निगम ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की है। जोन नंबर एक में 27, जोन नंबर दो में 1, जोन नं. पांच में 17, जोन नं. छह में 24, जोन नं. 7 में 1, जोन नं. आठ में 40, जोन नं. नौ में 74, जोन नंबर दस में सबसे ज्यादा 94 मामलों में नगर निगम ने तोड़ फोड़ की कार्रवाई की थी। इस तरह कुल 278 में मामलों में सिर्फ 33 मामलों में ही पुलिस ने FIR दर्ज की है। जबकि दस्तावेजों में मुन्ना मिश्रा का नाम 50 से ज्यादा बार है, योगेश वर्मा का नाम 35 से ज्यादा बार है, अनवर हुसैन का नाम आधा दर्जन बार है, और दिलेर सिंह होरा का नाम तीन बार है।
दरअसल, नगर निगम ने कार्रवाई में शॉर्टकट अपनाया है। ना सिर्फ नगर निगम बल्कि पुलिस तो नगर निगम की चिट्ठीयों को कूड़ेदान में डाल रहा है। the sootr ने नगर निगम के दस्तावेज से एक नाम निकालकर अशोक कुमार साहू को फोन किया। the sootr के सवालों में अशोक कुमार ने बताया। कचना और जोरा की जमीन विमल जैन की है। विमल जैन ने उन्हें (अशोक साहू) को जमीन बेचने की जिम्मेदारी दी थी। नगर निगम की लिस्ट कहती है कि 27 मार्च 2021 (पत्र क्रमांक- 262,न. पा. नि.) जोन नंबर 09/2021 को प्राथमिकी दर्ज करने पुलिस से निवेदन किया गया। अपने आवेदन पर कार्रवाई के लिए नगर निगम ने 18 जून 2021 और 4 दिसंबर 2021 को चिट्ठी लिखी है। अशोक कुमार साहू ने आगे बताया कि उनके नाम कोई एफआईआर नहीं है, और कभी किसी पुलिस वाले ने फोन तक नहीं किया है।
वह बड़े नाम जिनके रसूख के सामने हार गया नगर निगम
1.दिलेर सिंह होरा
2.अशोक खेमका
3.वल्लभ आनंद खंडेलवाल
4.प्रशांत धुप्पड़
5.हर्ष राज जैन
6.अनिल अग्रवाल
7.राहुल अग्रवाल
8.वंशिका प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स
9.रॉकी चेतवानी
10.शशिकांत कोठरी
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