छत्तीसगढ़ के गैर-बासमती चावल निर्यातकों को बड़ी राहत, एक साल तक मंडी टैक्स माफ, लेकिन माननी होंगी कुछ शर्तें

Umeshwari Baghel | Apr 30, 2026, 23:12 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने गैर-बासमती चावल के अंतरराष्ट्रीय निर्यात पर मंडी और कृषक कल्याण शुल्क एक साल तक माफ करने की घोषणा की है। यह छूट राइस मिलर्स और लाइसेंसधारी निर्यातकों को मिलेगी, जो राज्य की मंडियों से खरीदी गई धान से चावल का निर्यात करेंगे।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने चावल निर्यात पर शुल्क माफ किया
  • निर्यातकों को मिलेगी एक साल तक की छूट
  • राइस मिलर्स को शुल्क छूट का मिलेगा फायदा
  • निर्यातक को जमा करनी होगी जरूरी दस्तावेज़
  • किसानों और मिलर्स के लिए बेहतर अवसर

NEWS IN DETAIL

Raipur। सीजी न्यूज :छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने गैर-बासमती चावल के अंतरराष्ट्रीय निर्यात पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण



शुल्क को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की है। यह छूट एक वर्ष की अवधि तक लागू रहेगी। इस फैसले का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के चावल को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देना है।



राज्य की मंडियों से खरीदी गई उपज का होगा निर्यात

यह छूट विशेष रूप से राइस मिलर्स और लाइसेंसधारी निर्यातकों के लिए है, जो राज्य की मंडियों से खरीदी गई धान से गैर-बासमती चावल का निर्यात करेंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम राज्य के कृषि निर्यात क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।



शर्तें और दस्तावेज़ जमा करने की प्रक्रिया

हालांकि, इस छूट का लाभ उठाने के लिए निर्यातकों को कुछ शर्तों का पालन करना होगा। राइस मिलर्स को एक घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसमें एपीडा द्वारा जारी पंजीकरण



शिपिंग बिल, जीएसटी पंजीयन और बिल ऑफ लेडिंग जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इसके अलावा, निर्यात की गई उपज का नाम, मात्रा, मूल्य, गंतव्य देश और निर्यातक का IEC नंबर भी देना होगा। सभी दस्तावेज संबंधित मंडी कार्यालय में जमा करने के बाद ही छूट का लाभ मिलेगा।



किसानों और मिलर्स के लिए लाभ

( छत्तीसगढ़ चावल निर्यात) इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है, वहीं राइस मिलर्स की लागत में कमी आएगी। साथ ही, निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा का लाभ मिलेगा।



यह कदम छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख चावल निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।



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