2 लाख से अधिक शिक्षकों को मिलेगा AI ट्रेनिंग, गूगल फॉर एजुकेशन के साथ मिलकर सीएम साय ने की बड़ी घोषणा
NEWS IN SHORT
- AI सक्षम शिक्षा अभियान छत्तीसगढ़ में एक नई शुरुआत हैं
- शिक्षकों को मिलेगा AI ट्रेनिंग, रायपुर से होगी शुरुआत
- 2 लाख शिक्षकों को मिलेगा AI प्रमाणन, गूगल फॉर एजुकेशन से होगी पहल
- मुख्यमंत्री ने कहा AI से शिक्षा में आएगी गुणवत्ता
- राज्य सरकार का लक्ष्य, छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना हैं
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ में शिक्षा को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख संजय जैन और गूगल इंडिया के पब्लिक पॉलिसी प्रमुख राकेश रंजन से मुलाकात की और AI पर आधारित शिक्षा पहल की शुरुआत की घोषणा की हैं।
रायपुर से शुरू होगा AI सक्षम शिक्षा अभियान
गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख संजय जैन ने रायपुर जिला प्रशासन और गूगल के बीच हुए Letter of Intent की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रायपुर जिले में AI सक्षम शिक्षा अभियान की शुरुआत की जा रही है
जिसका उद्देश्य राज्य के स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ाना है। इस अभियान का पहला चरण रायपुर से शुरू किया जाएगा, जिसके बाद इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
शिक्षकों को मिलेगा AI ट्रेनिंग
इस पहल के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI ट्रेनिंग दिया जाएगा। गूगल फॉर एजुकेशन ने इस ट्रेनिंग को फ्री देने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम के पहले चरण में 200 शिक्षकों को कार्यशालाओं के माध्यम से गूगल के AI टूल्स का व्यावहारिक ट्रेनिंग दिया जाएगा।
पढ़़ाने के तरीके में बदलाव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश के विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करेगी।
AI आधारित शिक्षा से पढ़़ाने के तरीके में बदलाव आएगा और बच्चों को पढ़ाई बेहतर तरीके से समझ आएगी और रिजल्ट में सुधार आएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और डिजिटल इंडिया
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि AI सक्षम शिक्षा अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया की दिशा में एक अहम कदम है। उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को एक ज्ञान-आधारित और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य बनाना है। इस पहल से न केवल शिक्षा के स्तर में सुधार होगा, बल्कि छात्रों के लिए नई संभावनाएं भी खुलेंगी।
नवाचार से बढ़ेगी शिक्षा की गुणवत्ता
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पहल से राज्य के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा मिलेगी, जो उन्हें प्रतियोगी परीक्षा और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी। एआई आधारित शिक्षा को अपनाने से कक्षा के अंदर भी नवाचार होगा, जो छात्रों को ज्यादा प्रभावी तरीके से सिखाएगा।
सशक्त राज्य बनाने की दिशा में एक और कदम
मुख्यमंत्री साय ने अंत में यह कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एक ऐसे राज्य के रूप में स्थापित करना है, जहां हर विद्यार्थी को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अवसरों से भरपूर शिक्षा मिल सके। इस पहल के तहत शिक्षक और विद्यार्थी दोनों को सशक्त करने की दिशा में काम किया जाएगा।
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