छत्तीसगढ़ सरकार ने दी 50 करोड़ के पेड़ काटने की अनुमति, 1 लाख पर चली आरी

Arun Tiwari | Jul 30, 2026, 15:32 IST
बस्तर और सरगुजा के वनों पर संकट
सरगुजा और बस्तर में 20 परियोजनाओं के लिए 793 हेक्टेयर वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को मंजूरी दी गई है। इनमें 85 हजार से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। यह मंज़ूरी छत्तीसगढ़ सरकार ने दी है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • 50 करोड़ के पेड़ों को काटने की मंजूरी
  • 1 लाख से ज्यादा पेड़ कटेंगे
  • अब तक 85 हज़ार पेड़ कटे
  • छत्तीसगढ़ सरकार ने दी अनुमति
  • सरगुजा और बस्तर से कटेंगे पेड़

Raipur : छत्तीसगढ़ सरकार ने दो सालों में एक लाख 10 हज़ार से ज्यादा पेड़ों को काटने की अनुमति दी है। इनकी कीमत 50 करोड़ से ज्यादा है। सरकार की रिपोर्ट कहती है कि 20 परियोजनाओं के लिए सरगुजा और बस्तर के जंगलों से यह पेड़ काटे जाएंगे। यह पेड़ 794 वन क्षेत्र में हैं। इनमें सरगुजा के 3 और बस्तर के 7 फॉरेस्ट एरिया शामिल हैं।



छत्तीसगढ़ सरकार की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के सरगुजा और बस्तर संभाग में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई है। वन मंत्री केदार कश्यप के मुताबिक 1 जनवरी 2024 से 16 जून 2026 के बीच दोनों संभागों की 20 परियोजनाओं के लिए 793.589 हेक्टेयर वन भूमि में वृक्ष कटाई की स्वीकृति प्रदान की गई।


सरकार के अनुसार इस अवधि में सरगुजा संभाग के 3 और बस्तर संभाग के 7, यानी कुल 10 वनमंडलों के अंतर्गत विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए यह अनुमति दी गई। इन परियोजनाओं के चलते कुल 1 लाख 10 हजार 663 पेड़ प्रभावित हुए हैं।



50 करोड़ के पेड़

प्रभावित पेड़ों में से अब तक 85 हजार 413 पेड़ों की कटाई की जा चुकी है। वहीं प्रभावित वृक्षों का अनुमानित मूल्य 50 करोड़ 60 लाख 96 हजार 26 रुपए आंका गया है।



20 प्रोजेक्ट के लिए कटेंगे पेड़

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह सभी अनुमतियां विकास एवं निर्माण कार्यों से जुड़ी परियोजनाओं के लिए प्रदान की गई हैं। सरगुजा और बस्तर जैसे वन संपदा से समृद्ध क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर हुई वृक्ष कटाई का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रभावित पेड़ों की संख्या एक लाख से अधिक है, जबकि इनमें से 85 हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई पहले ही पूरी की जा चुकी है।



कांग्रेस का विरोध

कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा कहती हैं कि सरकार विकास के नाम पर लोगों की सांसें छीन रही है। छत्तीसगढ़ वनों के पेड़ पूरे देश को ऑक्सीजन देते हैं और उन पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई है। इससे पहले अडानी को हसदेव के 4 लाख पेड़ काटने की अनुमति जारी की गई है। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने भी इन पेड़ कटाई का विरोध किया है।



निष्कर्ष

एक बार फिर विकास के लिए वनों के विकास की बहस तेज़ हो गई है। सवाल यह पर आदिवासियों की आजीविका के साथ उनके वज़ूद का भी है। सांसो की कीमत पर यह विकास किया जा रहा है।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में कितने पेड़ों की कटाई को मंजूरी दी गई है?
    छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 जनवरी 2024 से 16 जून 2026 के बीच 20 परियोजनाओं के लिए 1 लाख 10 हजार 663 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी है।
  2. किन क्षेत्रों के जंगलों में पेड़ों की कटाई हो रही है?
    पेड़ों की कटाई सरगुजा और बस्तर संभाग के वन क्षेत्रों में हो रही है। इसमें दोनों संभागों के 10 वनमंडल शामिल हैं।
  3. काटे जा रहे पेड़ों की अनुमानित कीमत कितनी है?
    प्रभावित पेड़ों का अनुमानित मूल्य 50 करोड़ 60 लाख 96 हजार 26 रुपए आंका गया है। अब तक 85 हजार 413 पेड़ों की कटाई हो चुकी है।

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