छत्तीसगढ़ के 64 लाख वोटर्स को नोटिस, 14 फरवरी तक डेटा नहीं सुधारा तो कटेगा नाम

Anjali Dwivedi | Feb 02, 2026, 13:12 IST
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छत्तीसगढ़ के लगभग 64 लाख 95 हजार वोटर्स को निर्वाचन आयोग से नोटिस मिला है। अगर 14 फरवरी तक जानकारी सुधार नहीं करवाया, तो उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा।

News In Short

  • छत्तीसगढ़ के 65 लाख वोटर्स को निर्वाचन आयोग ने डेटा में गड़बड़ी के लिए नोटिस भेजा है।
  • गलती सुधार के लिए 14 फरवरी लास्ट डेट तय की गई है, इसके बाद नाम काटा जा सकता है।
  • सॉफ्टवेयर ने नाम की स्पेलिंग, स्पेस और फोटो में बदलाव जैसी बारीकियों को पकड़ा है।
  • सुधार के लिए आयोग से निर्धारित 13 प्रकार के आईडी प्रूफ में से कोई भी एक बीएलओ को दिखाना होगा।
  • यदि मतदाता शहर से बाहर है, तो परिवार का कोई भी सदस्य मूल डॉक्यूमेंट दिखाकर सुधार करवा सकता है।

News In Detail

रायपुर. छत्तीसगढ़ के चुनावी इतिहास में एक बड़ी हलचल शुरू हो गई है। प्रदेश के लगभग 64 लाख 95 हजार वोटर्स के घर निर्वाचन आयोग का नोटिस पहुंच रहा है। यह संख्या प्रदेश के कुल 2 करोड़ 12 लाख वोटर्स का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। दरअसल, केंद्रीय चुनाव आयोग के स्मार्ट सॉफ्टवेयर ने डेटा का मिलान करते समय लाखों वोटर आईडी कार्ड्स में लॉजिकल एरर यानी उचित गलतियां पकड़ी है। अब इन वोटर्स को 14 फरवरी तक अपनी सभी जानकारी ठीक करानी होगी। वरना नई वोटर लिस्ट से उनका नाम काट दिया जाएगा।



एआई सॉफ्टवेयर ने पकड़ी कई गलतियां

चुनाव आयोग ने साल 2003 के डेटा का मिलान वर्तमान विशेष गहन पुनरीक्षण फॉर्म से किया है। तब सॉफ्टवेयर ने ऐसी बारीकियां पकड़ीं, जिन्हें इंसान अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि 2003 के कार्ड में किसी का नाम प्रमोदकुमार लिखा है और नए फॉर्म में वह प्रमोद कुमार हो गया है, तो सॉफ्टवेयर इसे गलती मान लिया है। 23 दिसंबर से शुरू हुई यह प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर है।



नाम में बदलाव पर जांच

इस बार केवल नाम ही नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों की गहराई से भी जांच हो रही है। आयोग ने चार मुख्य बिंदुओं पर कमांड दी थी-



नाम में बदलाव: श्री या डॉ. जैसे शब्दों का हटना या जुड़ना।



उम्र का फासला: पिता और पुत्र की उम्र में 15 साल से कम का अंतर मिलना, पुराने समय में जल्दी शादियां होने के कारण कई सही मामले भी इस जांच के दायरे में आ गए हैं।



चेहरे का मिलान: 22 सालों में चेहरे के बदलते स्वरूप के कारण पुरानी फोटो का वर्तमान रिकॉर्ड से मेल न खाना।



संदेह का दायरा: यदि एक ही पिता के नाम पर 6 से अधिक वोटर आईडी दर्ज हैं, तो उन्हें संदिग्ध माना गया है।



बस डॉक्यूमेंट दिखाने से काम पूरे होंगे

छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यशवंत कुमार ने स्पष्ट किया है कि वोटर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक वेरिफिकेशन प्रोसेसे है। जिन लोगों के पास नोटिस पहुंच रहा है, उन्हें केवल अपने नजदीकी बीएलओ के पास जाकर सही डॉक्यूमेंट्स दिखाने होंगे और उनका रिकॉर्ड तुरंत अपडेट कर दिया जाएगा।



14 फरवरी की डेडलाइन चूक गए तो क्या होगा?

अगर आप 14 फरवरी तक अपने डॉक्यूमेंट्स नहीं दे पाते हैं, तो घबराने की बात नहीं है। लेकिन आपका नाम वर्तमान मतदाता सूची में नहीं आएगा। ऐसी स्थिति में आपको भविष्य में दोबारा फॉर्म-6 भरकर नया वोटर आईडी कार्ड बनवाना होगा। अच्छी बात यह है कि यदि आपको अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है, तो आपका डेटा पूरी तरह सुरक्षित है और आपको कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है।



रायपुर और बिलासपुर में सबसे ज्यादा अलर्ट

नोटिस जारी करने के मामले में राजधानी रायपुर सबसे आगे है, जो मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का जिला है। इसके बाद दूसरे नंबर पर बिलासपुर जिला है, जहाँ 5 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। प्रदेश भर में 2000 से अधिक बीएलओ इस काम में जुटे हैं और पूरी प्रक्रिया की निगरानी एसडीएम (SDM) स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।



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