छत्तीसगढ़ में रोजाना गायब हो रही हैं 53 महिलाएं, इनमें आधी बालिकाएं शामिल, पुलिस के साढ़े 8 हजार पद खाली
news in short :
- छत्तीसगढ़ में गायब हो रहीं महिलाएं
- रोजाना 53 महिलाएं हो रहीं लापता
- इनमें 20 से ज्यादा बालिकाएं शामिल
- पुलिस के साढ़े 8 हजार से ज्यादा पद खाली
NEWS IN DETAIL
लापता होती बालिका :
छत्तीसगढ़ में महिलाओं का गायब होना बड़ा मुद्दा है। साल दर साल इनके मामले बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस इन पर प्रभावी कार्यवाही नहीं कर पा रही है। सबसे चिंताजनक बात ये है कि इनमें बालिकाओं की संख्या आधी है। पुलिस ऑपरेशन मुस्कान चलाकर गुमशुदा महिलाओं की तलाशकर वापस लाने की बात जरुर करती है लेकिन सवाल ये है कि उनके लापता होने की संख्या में कमी नहीं आ रही।
पुलिस आखिर इनको लापता होने से क्यों नहीं रोक पा रही। छत्तीसगढ़ में पिछले चार साल के आंकड़े भयावह हैं। साल 2023 से 31 जनवरी 2026 के आंकड़े देखें तो 59292 महिलाएं और बच्चियां यहां से लापता हो चुकी हैं। इस हिसाब से रोजाना 53 महिलाएं लापता हो रही हैं जिनमें 20 से ज्यादा बालिकाएं शामिल हैं।
इस तरह लापता हो रहीं बालिकाएं :
साल 2023 :
लापता - 3074
बहला फुसलाकर ले जाई गईं - 3393
अपहरण - 4
साल 2024 :
लापता - 3497
बहला फुसलाकर ले जाई गईं - 3861
अपहरण - 4
साल 2025 :
लापता - 3803
बहला फुसलाकर ले जाई गईं - 4156
अपहरण - 6
साल 2026 : 31 जनवरी तक
लापता - 383
बहला फुसलाकर ले जाई गईं - 415
अपहरण - 1
कुल लापता संख्या - 10753
कुल बहला फुलसलाकर ले जाई गईं - 11825
इस तरह लापता हो रहीं महिलाएं :
साल 2023 :
लापता - 10619
बहला फुसलाकर ले जाई गईं - 13
अपहरण - 4
इस तरह लापता हो रहीं महिलाएं :
साल 2024 :
लापता - 11928
बहला फुसलाकर ले जाई गईं - 7
अपहरण - 3
इस तरह लापता हो रहीं महिलाएं :
साल 2025 :
लापता - 12888
बहला फुसलाकर ले जाई गईं - 7
अपहरण - 2
कुल लापता महिलाएं - 59240
पुलिस के साढ़े 8 हजार पद खाली :
छत्तीसगढ़ में पुलिस की भारी कमी है। पुलिस के इंस्पेक्टर से लेकर कांस्टेबल तक 8637 पद खाली हैं। ये वो मैदानी अमला है जो अपराध रोकने में सबसे अहम माना जाता है। यही अमला पुलिस की रीढ़ माना जाता है। लेकिन बार बार कोशिश करने के बाद भी भर्ती नहीं हो पा रही है।
पुलिस के इतने पद खाली :
इंस्पेक्टर - 112
एसआई - 1036
एएसआई - 552
हेड कांस्टेबल - 1169
कांस्टेबल - 5768
कुल - 8637
स्कूटी से निकली बच्ची लापता:
यह मामला छत्तीसगढ़ विधानसभामें भी उठा। कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि उनके इलाके में घर से स्कूटी से निकली बच्ची वापस घर नहीं लौटी। पुलिस में रिपोर्ट के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार इन मामलों में गंभीर है।
important points :
. साल दर साल बढ़ते महिलाओं के लापता होने के मामले
. इनमें बालिकाओं की संख्या चिंता का विषय
. पुलिस की कमी भी इसमें सबसे बड़ी बाधा
. ऑपरेशन मुस्कान के जरिए तलाशी जा रहीं बच्चियां
. पुलिस के सामने यह बड़ी चुनौती
अब आगे क्या:
जानकार कहते हैं कि पहले पुलिस को अपने खाली पद भरने पड़ेंगे। इसके बाद गांवों तक अपने नेटवर्क को मजबूत करना होगा। तभी जाकर इस तरह के मामलों में कमी आएगी। सरकार खाली पद भरने की लगातार कोशिश कर रही है। आगे इसे और तेजी से करने का दावा किया जा रहा है।
निष्कर्ष:
पुलिस का दावा है कि जो लड़कियां और महिलाएं लापता थी,ऑपरेशन मुस्कान के जरिए उनमें से अधिकांश को बरामद कर लिया गया है। लेकिन सवाल यहां पर बरामदगी का नहीं बल्कि लापता होने से रोकने का है। पुलिस आखिर क्यों लापता हो रही महिलाओं और बच्चियों को रोक नहीं पा रही है। कहा जाता है कि महिलाएं या बच्चियां अपने परिचितों के साथ ही जाती हैं जो बाद में गुमशुदा हो जाती हैं।
यह भी सामने आता है कि रोजगार के नाम पर घर में काम करवाने के लिए दूसरे प्रदेशों में तक में भेज दिया जाता है। कई जगह शादी करवाने के मामले भी सामने आते हैं। इनमें आदिवासी वर्ग की महिलाएं ज्यादा शामिल होती हैं। पुलिस के सामने यही चुनौती है कि महिलाओं और बच्चियों की गुमशुदगी रोकी जाए।
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