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Narsinghpur. जनवरी 2026 में नरसिंहपुर जिले में महिलाओं और लड़कियों के लापता होने का मामला गंभीर बन गया है। महज 31 दिनों में 71 महिलाएं और लड़कियां गायब हो गईं है। इसका मतलब है कि औसतन हर दिन दो लड़कियां और महिलाएं लापता हुईं है। यह आंकड़ा प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। हालांकि, इन घटनाओं के बाद भी अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
15 से 20 साल की लड़कियां ज्यादा
इसमें सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 15 से 20 साल की लड़कियां सबसे ज्यादा गायब हुईं है। यह उम्र ऐसी होती है, जब भावनात्मक अस्थिरता और सोशल मीडिया का असर होता है। साथ ही परिवार में संवाद की कमी भी बच्चों को गलत फैसले लेने के लिए प्रेरित कर सकती है। ऐसे में ये घटनाएं और भी गंभीर हो जाती हैं।
तीन घटनाएं, जो हकीकत बयां करती हैं
गांव में गायब हुई पत्नी और बेटी
28 जनवरी को डोंगरगांव थाना क्षेत्र में एक किसान अपनी 20-22 साल की पत्नी और तीन साल की बेटी के साथ हवन-यज्ञ में गया था। दर्शन और प्रवचन के बाद लौटते समय उसने पत्नी को पंडाल के बाहर खड़ा किया था। उसने कहा कि वह बाइक आ रहा है, लेकिन दस मिनट में पत्नी और बेटी दोनों गायब हो गईं थी। काफी तलाश के बावजूद कुछ पता नहीं चला। फिर अंत में थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।नर्मदा जयंती पर गायब हुई 15 वर्षीय बेटी
25 जनवरी को गाडरवारा थाना क्षेत्र में एक परिवार नर्मदा जयंती पर स्नान-पूजन के लिए गया था। जब वे रात करीब 10 बजे लौटे, तो उनकी 15 वर्षीय बेटी गायब थी। लड़की ने घर में मौजूद चाची से कहा था कि वह वॉशरूम जा रही है, लेकिन बाद में उसका कुछ पता नहीं चला। 27 जनवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।बाजार जाते समय गायब हो गई लड़की
14 जनवरी को स्टेशन गंज थाना क्षेत्र की एक 17 साल की लड़की अपनी सहेली के साथ बाजार गई थी। शाम तक घर न लौटने पर परिवार परेशान हो गया। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई, लेकिन अभी तक लड़की का कोई सुराग नहीं मिला है।
हालात की गंभीरता बता रहे आंकड़े
जनवरी 2026 में लापता हुई 71 महिलाओं और लड़कियों में से 38 की उम्र 11 से 20 वर्ष के बीच थी। इनमें 12 लड़कियां 15-17 साल की थीं, 18 साल की 11, 19 साल की 7 और 20 साल की 8 लड़किया थीं। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि किशोरावस्था और शुरुआती युवावस्था सबसे जोखिम वाला समय बन रहा है।
थाना-वार स्थिति
करेली से 14
स्टेशन गंज से 13
गाडरवारा से 11
गोटेगांव से 9 लापता हुईं हैं।
इसके अलावा डोंगरगांव, नरसिंहपुर, तेंदूखेड़ा जैसे थाना क्षेत्रों में भी कई मामले दर्ज हुए हैं।
जनवरी में कुल 107 लोग गायब हुए
जनवरी में कुल 107 लोग लापता हुए, जिनमें 71 महिलाएं, 35 पुरुष और 1 किन्नर शामिल हैं। महिलाओं के अलावा पुरुषों के लापता होने की घटनाएं भी सामने आईं, जो इस समस्या की गंभीरता को और बढ़ाती हैं।
विशेषज्ञ ने बताई गायब होने की वजह
मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक किशोरावस्था एक भावनात्मक उथल-पुथल का समय होता है। इस उम्र में लड़कियां आसानी से बहक सकती हैं और परिणामों को नहीं समझ पातीं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल में काउंसलिंग और परिवार के बीच संवाद जरूरी है। इससे बच्चों को सही-गलत का फर्क समझाया जा सकता है।
पुलिस ने बताई गायब होने की वजह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुमशुदगी के पीछे कई कारण होते हैं। इनमें दोस्ती, प्रेम-प्रसंग, सोशल मीडिया का असर और पारिवारिक कलह शामिल हैं। कुछ ग्रामीण इलाकों में भागकर शादी करने की परंपरा भी होती है। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग मामलों में करीब 90 प्रतिशत रिकवरी होती है, लेकिन समय पर सूचना और परिवार का सहयोग बहुत जरूरी है।
समाज के लिए चेतावनी
गुमशुदगी की घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं हैं, बल्कि यह समाज के ताने-बाने से भी जुड़ी हुई हैं। मोबाइल और इंटरनेट के दौर में बच्चों को जल्दी परिपक्व होने का भ्रम हो सकता है। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। यदि समय रहते परिवार, समाज और प्रशासन एकजुट नहीं हुए, तो ये आंकड़े और भयावह हो सकते हैं।
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