किसानों से धोखाधड़ी पर भड़के सीएम विष्णु देव साय, दो अफसर सीधे सस्पेंड
NEWS IN SHORT
- सुशासन तिहार के दौरान सीएम विष्णु देव साय बेहद सख्त दिखे।
- खाद गबन मामले में दो बड़े अधिकारी तत्काल प्रभाव से निलंबित।
- भ्रष्टाचार और काम में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस का संदेश।
- पेयजल संकट और खराब परीक्षा परिणाम पर कलेक्टरों को अल्टीमेटम।
- सख्त प्रशासक के साथ सीएम का संवेदनशील रूप भी सामने आया।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ में 'सुशासन तिहार' के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का एक बेहद सख्त और संवेदनशील रूप देखने को मिला। गुरुवार को सूरजपुर, कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिलों के दौरे पर निकले मुख्यमंत्री ने शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
चिरमिरी में आयोजित तीनों जिलों की मैराथन समीक्षा बैठक में सीएम साय ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के कार्यों में किसी भी तरह की सुस्ती या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख की गाज सीधे उन अधिकारियों पर गिरी जो अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरत रहे थे।
खाद गबन मामले में तत्काल निलंबन
कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में बड़ी धांधली और वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए मंच से ही सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश दे दिया। इसके साथ ही खाद गबन मामले के मुख्य आरोपी और कोरिया के शाखा प्रबंधक कल्लू प्रसाद मिश्रा को भी निलंबित कर दिया गया।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस : मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई से यह साफ संदेश दे दिया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
कलेक्टरों को सख्त अल्टीमेटम और नाराजगी
बैठक में मुख्यमंत्री के कड़े तेवर देखकर तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ सन्न रह गए। सीएम साय ने मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की:
पेयजल संकट: ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत को लेकर मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को सख्त अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि संकटग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों से पानी पहुंचाना कलेक्टरों की सीधी जिम्मेदारी है, लापरवाही होने पर गाज सीधे उन पर गिरेगी।
खराब परीक्षा परिणाम: तीनों जिलों के स्कूलों के निराशाजनक परीक्षा परिणामों पर मुख्यमंत्री बिफर पड़े। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और आगामी सत्र के लिए तुरंत पुख्ता कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
संवेदनशीलता और सुशासन का अनोखा संगम
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के दो बिल्कुल अलग रूप देखने को मिले। एक तरफ जहां वे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त और कड़े प्रशासक के रूप में नजर आए, वहीं दूसरी तरफ आम जनता और बच्चों के प्रति उनकी संवेदनशीलता भी खुलकर सामने आई। सूरजपुर के रामपुर में दौरे के दौरान सीएम साय ने एक छोटी बच्ची को अपने हाथों से खीर खिलाई, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर सुशासन और अपनेपन की मिसाल बनकर उभरी है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह त्वरित कार्रवाई यह साफ संकेत देती है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन केवल एक नारा नहीं बल्कि हकीकत है। भ्रष्टाचार और जनता के काम में लापरवाही पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाकर सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने का एक मजबूत संदेश दिया है।
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