CM हेल्पलाइन पर 88.85% शिकायतें निपटाने का दावा, फिर भी राजस्व मामलों में लापरवाही पर अधिकारी निलंबित

VINAY VERMA | Oct 17, 2026, 09:36 IST
कबीरधाम में तहसीलदार निलंबित
Raipur. सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण का आंकड़ा 88.85 प्रतिशत बताया जा रहा है। सरकार इसे समस्याओं के समाधान की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है। लेकिन इसी समीक्षा के दौरान राजस्व विभाग के एक तहसीलदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा और उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया।

कबीरधाम जिले के पिपरिया में पदस्थ तहसीलदार प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी पर यह कार्रवाई हुई है। सवाल यह है कि जब शिकायतों के निराकरण का प्रतिशत इतना ऊंचा है, तो फिर आम लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई में लापरवाही क्यों सामने आ रही है?



दावा बड़ा, कार्रवाई भी

सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान राजस्व विभाग के मामलों पर भी चर्चा हुई। इसी दौरान तहसीलदार प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी के कामकाज में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता सामने आने की बात कही गई। शासन के मुताबिक, शिकायतों के निराकरण में उनकी भूमिका संतोषजनक नहीं थी। इसके बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आदेश 16 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ है।




नियमों का हवाला


सरकार ने तहसीलदार के कथित आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन माना है। इसी आधार पर निलंबन किया गया है। आदेश में कहा गया है कि कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू होगी। निलंबन अवधि में प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी का मुख्यालय जिला कबीरधाम रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।



समीक्षा के बाद सवाल

सीएम हेल्पलाइन का मकसद लोगों की शिकायतों को दफ्तरों के चक्कर काटे बिना दूर करना है। राजस्व विभाग में जमीन, सीमांकन, नामांतरण और दूसरे कामों से जुड़ी शिकायतें आम लोगों के लिए बेहद अहम होती हैं। इन मामलों में देरी या लापरवाही सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालती है। ऐसे में सिर्फ शिकायतों के निराकरण का प्रतिशत बताना काफी नहीं है। शिकायतें कितने दिन लंबित रहीं, कितनी बार लोगों को दफ्तर बुलाया गया और कितने मामलों में वास्तविक राहत मिली, यह भी सामने आना चाहिए।




आंकड़ों की असली परीक्षा

88.85 प्रतिशत शिकायतों के निराकरण का दावा किस अवधि का है? कुल कितनी शिकायतें दर्ज हुईं और कितनी अब भी लंबित हैं? क्या निराकरण के बाद शिकायतकर्ता भी संतुष्ट हैं या पोर्टल पर जवाब दर्ज कर शिकायत बंद कर दी गई? प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी के खिलाफ कितनी शिकायतें थीं और उनमें क्या लापरवाही मिली? क्या दूसरे राजस्व कार्यालयों में भी इसी तरह की समीक्षा हुई? सरकार इन सवालों के जवाब सार्वजनिक करेगी या कार्रवाई को ही जवाब मान लिया जाएगा?




आदेश जारी, जांच बाकी

निलंबन आदेश राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है। अवर सचिव धनंजय नेताम ने 16 अक्टूबर को डिजिटल हस्ताक्षर किए हैं। आदेश में तहसीलदार को निलंबित करने का आधार शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही बताया गया है। हालांकि, निलंबन अपने आप में अंतिम दोष सिद्धि नहीं है। अब विभागीय प्रक्रिया में आरोपों की जांच और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना बाकी है।



  1. छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन पर कितने शिकायतों का निराकरण हुआ है?
    छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, CM हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों के निराकरण का आंकड़ा 88.85 प्रतिशत बताया जा रहा है।
  2. कबीरधाम जिले के किस तहसीलदार को निलंबित किया गया है?
    कबीरधाम जिले के पिपरिया में पदस्थ तहसीलदार प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी को गंभीर लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है।कबीरधाम जिले के पिपरिया में पदस्थ तहसीलदार प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी को गंभीर लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है।
  3. CM हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य क्या है?
    CM हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य आम नागरिकों की सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतों का निराकरण कराना और उन्हें कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत देना है।
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