सुशासन तिहार में सीएम को मिली पीएम आवास में रिश्वत की शिकायत, तीन को नॉकरी से हटाया

Krishna Kumar Sikander | May 07, 2025, 14:19 IST
CM receives complaint of bribery in PM residence during Sushasan Tihar three people removed from job the sootr
छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के प्रति नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। बेमेतरा में पीएम आवास योजना से जुड़े तीन संविदा कर्मियों के रिश्वत मांगने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कर्मचारियों को सेवा से अलग कर केस दर्ज किया गया।

रायपुर : सुशासन तिहार के तीसरे चरण के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के प्रति उसकी नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। बेमेतरा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े तीन संविदा कर्मियों द्वारा हितग्राहियों से रिश्वत मांगने एवं डरा-धमकाकर वसूली करने की पुष्टि के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई की गई है। कर्मचारियों को न सिर्फ सेवा से अलग किया गया बल्कि उन पर एफआईआर भी दर्ज करवाई गई।



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वायरल ऑडियो से मिली जानकारी

घटना की जानकारी एक वायरल ऑडियो क्लिप के माध्यम से सामने आई, जिसमें ग्राम पंचायत ऐरमशाही की आवास मित्र नीरा साहू द्वारा प्रधानमंत्री आवास की किस्त जारी करने के एवज में 25 हजार रूपये की रिश्वत मांगने की बात स्पष्ट रूप से सामने आई। तहसीलदार की जांच में नीरा साहू ने स्वयं ऑडियो में अपनी आवाज होने की बात स्वीकार की।



इसी प्रकरण में नारायण साहू, जो ग्राम पंचायत तेंदुआ में रोजगार सहायक हैं, द्वारा हितग्राहियों को धमकाते हुए 10 हजार रूपये की मांग किए जाने के प्रमाण मिले। वहीं उनकी पत्नी ईश्वरी साहू, जो ग्राम पंचायत ऐरमशाही में रोजगार सहायक के रूप में पदस्थ थीं, उन पर भी हितग्राहियों से डराकर पैसे मांगने के गंभीर आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं।



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एफआईआर दर्ज

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नवागढ़ की लिखित रिपोर्ट तथा नांदघाट थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर तीनों दोषियों—नीरा साहू, नारायण साहू और ईश्वरी साहू को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है। यह आदेश कलेक्टर बेमेतरा के अनुमोदन से जारी किया गया। उक्त मामले में नांदघाट थाना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराएँ 308(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की विधिवत विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।



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पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सर्वोपरि है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आमजन के अधिकारों का दुरुपयोग न करे, और यदि करता है तो उसे तत्काल विधिसम्मत कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह सिर्फ कार्रवाई नहीं, सुशासन का संकल्प है।



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