एंबुलेंस सेवा : शहरी इलाके में 15 और गांव में 30 मिनट में पहुंचेगी, सीएम साय ने दिखाई 375 गाड़ियों को हरी झंडी
NEWS IN SHORT
- मुख्यमंत्री साय ने 375 नई एंबुलेंस का लोकार्पण किया
- अब 15 मिनट में शहरी क्षेत्रों में मिलेगी एंबुलेंस सेवा
- 375 नई एंबुलेंस में नवजातों के लिए खास नियोनेटल सेवाएं
- एंबुलेंसों में उच्च स्तरीय चिकित्सा उपकरणों की सुविधाएं
- प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
NEWS IN DETAIL
Raipur : छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज एक बड़ी सौगात दी है। राजधानी रायपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सीएम साय ने (108 एंबुलेंस सेवा)108 संजीवनी एक्सप्रेस की 375 नई एंबुलेंस का लोकार्पण किया। सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब किसी भी आपात स्थिति में एंबुलेंस के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
समय पर इलाज
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि अब प्रदेश में एंबुलेंस सेवा के लिए कड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। सरकार की कोशिश है कि सूचना मिलने के मात्र 15 मिनट के भीतर शहरी क्षेत्रों में और 30 मिनट के अंदर ग्रामीण इलाकों में संजीवनी एक्सप्रेस मरीज के दरवाजे पर खड़ी मिले। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से काम किया है और यह नई सेवा छत्तीसगढ़ के कोने-कोने तक बेहतर इलाज पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।
पहली बार आईसीयू सड़क पर
इस नई खेप की सबसे खास बात नियोनेटल एंबुलेंस सेवा है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार विशेष रूप से नवजात शिशुओं के लिए 5 अत्याधुनिक एंबुलेंस शुरू की गई हैं, जो पांचों संभाग मुख्यालयों में तैनात रहेंगी। ये गाड़ियां किसी चलते-फिरते आईसीयू से कम नहीं हैं। इनमें इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर और नन्हे बच्चों के लिए जरूरी 41 तरह की जीवनरक्षक दवाइयां मौजूद हैं। गंभीर स्थिति में जन्मे बच्चों को सुरक्षित बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए इसमें प्रशिक्षित तकनीशियन और विशेषज्ञों का ऑनलाइन मार्गदर्शन भी उपलब्ध रहेगा।
अत्याधुनिक मशीनों से लैस है संजीवनी
लोकार्पण की गई कुल 375 गाड़ियों में से 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट और 75 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं।
एडवांस्ड एंबुलेंस : इनमें पोर्टेबल वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर दिल की धड़कन सुधारने की मशीन और सिरिंज पंप जैसे उपकरण लगे हैं, जो गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही बेहतर इलाज देना शुरू कर देते हैं।
बेसिक एंबुलेंस : इसमें बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी और ऑक्सीजन सपोर्ट जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
हर हाथ को सहारा, हर जान की सुरक्षा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में दम न तोड़े। नई एंबुलेंस की शुरुआत से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों और ग्रामीणों को समय पर अस्पताल पहुंचने में मदद मिलेगी। एंबुलेंस में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन और पायलट 24 घंटे जनता की सेवा के लिए मुस्तैद रहेंगे।
निष्कर्ष
स्वास्थ्य विभाग की यह पहल छत्तीसगढ़ के चिकित्सा ढांचे को न केवल आधुनिक बना रही है, बल्कि आम जनता के मन में यह विश्वास भी जगा रही है कि मुश्किल वक्त में सरकार की मदद महज एक फोन कॉल की दूरी पर है।
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