मुख्यमंत्री की फटकार के तत्काल बाद बनने लगी सड़क, ईई को 24 घंटे तैनात रहने का आर्डर
Raipur : सरकारी सिस्टम में अक्सर काम डांट फटकार के बाद ही होते हैं। फटकार न हो तो सीएम के इलाके की सड़क भी नहीं बनती। ऐसा ही छत्तीसगढ़ में देखने को मिला छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव से कुनकुरी के बीच खराब सड़क
को लेकर लंबे समय से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। CM Vishnudeo Saiकी फटकार के बाद अब इस सड़क का मरम्मत का काम तेज़ हो गया है। ईई को 24 घंटे इस सड़क पर तैनात होने को कहा गया है।
बलरामपुर में लगाई थी डांट
हाल ही में बलरामपुर में आयोजित सरगुजा संभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस सड़क की खराब हालत और मरम्मत में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई थी।
उन्होंने साफ कहा था कि इस अधूरी और खराब सड़क के कारण आम लोगों को रोजाना आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बारिश का मौसम आने वाला है, ऐसे में सड़क की स्थिति और खराब हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और यातायात सुचारू बना रहे।
डांट के बाद एक्शन में अफसर
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। विभाग के प्रमुख अभियंता की ओर से जारी आदेश में पत्थलगांव–कुनकुरी मार्ग के अधूरे हिस्से की मरम्मत के लिए पहले से तैयार प्रस्ताव को मंजूरी दे दी
गई है। इसके साथ ही अधिकारियों को तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मरम्मत का काम जोनल एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा।
अगर किसी कारण से जोनल एजेंसी उपलब्ध नहीं होती है, तो संबंधित संभाग के पहले से चल रहे अनुबंध के तहत भी यह काम पूरा किया जा सकेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी स्थिति में काम रुके नहीं और समय पर पूरा हो।
यह सड़क भी बनेगी
इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग ने अंबिकापुर के राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता को भी विशेष निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि जब तक सड़क ( PWD) का मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो जाता
तब तक वे अपना मुख्यालय कुनकुरी में ही स्थापित रखें। इससे काम की लगातार निगरानी हो सकेगी और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सकेगा।
बिना इजाज़त हेडक्वार्टर न छोड़ें
अधिकारियों को यह भी स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि बिना अनुमति वे मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। इसका उद्देश्य यह है कि काम में किसी तरह की लापरवाही या देरी न हो और पूरी प्रक्रिया पर सख्ती से नजर रखी जा सके।
मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ कर दिया है कि सड़क मरम्मत में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि काम की गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का खास ध्यान रखा जाए।
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