कांग्रेस जिला अध्यक्षों को राहुल गांधी देंगे आराम छोड़ काम की नसीहत, सीजी में लागू होगा गुजरात मॉडल
Raipur. छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। प्रदेश भर में हाल ही में नियुक्त किए गए 41 जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। 'यह संगठन पाठशाला' 21 जून से 30 जून तक संचालित होगी, जिसमें राहुल गांधी समेत कांग्रेस के बड़े नेता संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की रणनीति बताएंगे।
बड़े रिसोर्ट की तलाश:
प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक यह प्रशिक्षण शिविर रायपुर या नवा रायपुर के किसी बड़े परिसर में आयोजित किया जा सकता है। आयोजन स्थल को लेकर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा। शिविर को कांग्रेस संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नवंबर 2025 में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद यह पहला बड़ा औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा।
राहुल लेंगे क्लास:
प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे। दोनों नेता जिला अध्यक्षों को संगठन विस्तार, राजनीतिक रणनीति और जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने के गुर सिखाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी भी अलग-अलग सत्रों में हिस्सा लेंगे।
ये है क्लास का सिलेबस:
कांग्रेस इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए जिला अध्यक्षों को संगठन संचालन, बूथ और मंडल प्रबंधन, चुनावी रणनीति, मीडिया समन्वय और जनसंपर्क जैसे विषयों पर प्रशिक्षित करेगी। पार्टी का मानना है कि जिला स्तर पर मजबूत नेतृत्व तैयार किए बिना आगामी चुनावों में प्रभावी प्रदर्शन संभव नहीं है। यही वजह है कि नए जिला अध्यक्षों की भूमिका को लेकर पार्टी बेहद गंभीर दिखाई दे रही है।
प्रदेश के बड़े नेता भी लेंगे ट्रेनिंग:
सूत्रों के अनुसार प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों के साथ प्रमुख प्रदेश पदाधिकारी और संगठन से जुड़े अन्य कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। इसके लिए ऐसे बड़े परिसर की तलाश की जा रही है, जहां एक ही स्थान पर सभी प्रतिभागियों के ठहरने और प्रशिक्षण की व्यवस्था हो सके। रायपुर और नवा रायपुर के कई स्थलों पर विचार किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में गुजरात मॉडल:
छत्तीसगढ़ में गुजरात मॉडल लागू किया जाएगा। गुजरात मॉडल में बूथ पर फोकस और नए चेहरों को मौका देना खास बिंदु हैं। कांग्रेस के “संगठन सृजन अभियान” के तहत यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर तक पार्टी संरचना को मजबूत बनाना है। पार्टी नेतृत्व का फोकस युवाओं, महिलाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को संगठन में अधिक जिम्मेदारी देने पर भी है।
परखी जाएगी लीडरशिप:
प्रशिक्षण के दौरान जिला अध्यक्षों के प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता का भी आकलन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि भविष्य में संगठन में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां इसी आधार पर तय की जा सकती हैं। पार्टी चाहती है कि जिला अध्यक्ष केवल औपचारिक पदाधिकारी न रहें, बल्कि वे अपने-अपने जिलों में कांग्रेस की सक्रिय राजनीतिक ताकत बनकर उभरें।
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