नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता: 9 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, लाखों रुपए का था ईनाम
NEWS IN SHORT
- दंतेवाड़ा सुकमा कांकेर में 9 नक्सलियों का आत्मसमर्पण 9 लाख रुपए का ईनाम घोषित
- 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की
- नक्सलियों पर 9 लाख रुपए का ईनाम था, आत्मसमर्पण से शांति की ओर
- सुरक्षा बलों ने आत्मसमर्पण के बाद 40 घातक हथियार बरामद किए
- पूना मारगेम पहल के तहत 607 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
NEWS IN DETAIL
Dantewada : दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर में नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च की तय सीमा के तहत 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। ये नक्सली दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े थे, और इन पर कुल 9 लाख रुपए का ईनाम था। आत्मसमर्पण करने वालों में 4 महिलाएं और 5 पुरुष नक्सली शामिल हैं। इन सभी ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल
दंतेवाड़ा नक्सल सरेंडरछत्तीसगढ़ सरकार की पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत दंतेवाड़ा पुलिस लाइन में आत्मसमर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति से सामाजिक जीवन जीने की ओर मार्गदर्शन देना है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से पांच लाख रुपए का ईनाम एसीएम/भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सोमे कड़ती को और 1 लाख रुपए का ईनाम अन्य पार्टी सदस्यों को दिया गया।
पुलिस ने बरामद किए 40 घातक हथियार
इस आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीतिकार्यक्रम के बाद, सुरक्षा बलों ने प्राप्त जानकारी के आधार पर 40 घातक हथियार बरामद किए। इन हथियारों में इंसास, एसएलआर, बीजीएल और अन्य घातक हथियार शामिल थे, जो नक्सलियों के द्वारा इस्तेमाल किए जाते थे। यह नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
607 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
पूना मारगेम पहल से प्रभावित होकर 2024 से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल 607 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने 92 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और 54 को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ों में मार गिराया। यह कार्रवाई नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
सरकार और सुरक्षा बलों का सख्त अभियान जारी
राज्य सरकार और सुरक्षा बलों का यह अभियान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने और विकास की ओर बढ़ने के लिए जारी रहेगा। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को अब समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जा रहा है, जिससे शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
यह खबरें भी पढ़े...
19 नक्सलियों का आत्मसमर्पण; कांकेर जिले में जगी शांति की उम्मीद
मोहला में 40 सालों का लाल आतंक खत्म; उइकाटोला जंगलों से आत्मसमर्पण करने निकले 5 हथियारबंद नक्सली
नारायणपुर में छह इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण, माओवादी संगठन में मची हलचल