दीपक बैज ने आपातकाल को बताया संवैधानिक व्यवस्था, टीएस बोले इमरजेंसी ठीक नहीं
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur : देश में लगाया गया आपातकाल कांग्रेस के लिए हमेशा आफतकाल रहा है। बीजेपी ने इसे काला दिवस के नाम से मनाया तो वहीं स्कूल की किताबों में भी आपातकाल का अध्याय जोड़ दिया गया। कांग्रेस के अंदर इसमें दो अलग अलग राय हैं। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने इसका समर्थन करते हुए इसे संवैधानिकल व्यवस्था बताया है।
उन्होंने कहा कि इमरजेंसी को लेकर बीजेपी भ्रम फैला रही है। वहीं वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में इमरजेंसी को ठीक नहीं कहा जा सकता। हालांकि उन्होंने कहा कि उस समय चुनी हुई सरकार को अपदस्थ करने की कोशिश की जा रही थी। इसलिए यह समझना होगा कि आपातकाल लगाने की जरुरत क्यों पड़ी।
क्या बोले दीपक बैज
बैज ने कहा कि बीजेपी आपातकाल को लेकर भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है। जबकि 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत पूरी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश में आंतरिक संकट की स्थिति थी और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद आपातकाल लागू किया गया था, जिसे निर्धारित समय बाद समाप्त भी कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि आज की स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, न्यायपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप की कोशिश की जा रही है
और मीडिया पर दबाव बनाकर उसकी स्वतंत्रता सीमित की जा रही है। बैज ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने और विपक्षी दलों के नेताओं को तोड़ने के लिए किया जा रहा है। इसलिए असली आपातकाल तो अब है। देश में अघोषित आपातकाल चल रहा है।
आरएसएस पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी आपातकाल के खिलाफ आंदोलन का दावा करते थे, वे आज अपनी ही सरकार में खुलकर बोलने से डर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के भय के कारण सरकार के भीतर भी असहमति की आवाजें दबाई जा रही हैं।
बैज ने कहा कि किसान, युवा और अन्य वर्ग जब अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करते हैं तो उन्हें देशद्रोही बताकर कार्रवाई की जाती है। विपक्षी नेताओं को सदन से लेकर सड़कों तक अपनी बात रखने में बाधाएं खड़ी की जाती हैं और सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध को दबाने के लिए किया जाता है। बीजेपी को 1975 के आपातकाल पर राजनीति करने के बजाय मौजूदा हालात पर जवाब देना चाहिए।
IMP FACTS
1975 में इंदिरा गांधी सरकार ने देश में आपातकाल लागू किया था।
आपातकाल संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत घोषित किया गया था।
इस दौरान नागरिक अधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई थी।
विपक्षी नेताओं की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी हुई थी।
इसे भारतीय लोकतंत्र के सबसे विवादित दौरों में माना जाता है।
बीजेपी का तंज
बीजेपी ने दीपक बैज के इस बयान पर तंज कसा है। बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि कांग्रेसियो ने शायद कभी संविधान पढ़ा ही नहीं। दीपक बैज को बताना चाहिए कि किस कारण से आपातकाल लगा और संविधान के किस अनुच्छेद में वह स्थिति लिखी थी जिसका इंदिरा गांधी तक इसका जवाब नहीं दे पाई थी शायद दीपक बैज उससे ज्यादा समझदार होंगे।सबको पता है इंदिरा गांधी के खिलाफ कोर्ट का निर्णय आने के बाद अपनी सत्ता बचाने इंदिरा गांधी और कांग्रेस सरकार ने देश में बर्बरता की पराकाष्ठा की थी जिसे देश कभी नहीं भूलेगा।
FAQ
- दीपक बैज ने आपातकाल को क्या बताया?
उन्होंने कहा कि 1975 का आपातकाल संविधान के तहत लगाया गया था और पूरी तरह वैध प्रक्रिया थी। - टीएस सिंहदेव की आपातकाल पर क्या राय है?
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में आपातकाल सही नहीं होता, हालांकि उस समय की परिस्थितियां भी देखनी चाहिए। - बीजेपी ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि सत्ता बचाने के लिए आपातकाल लगाया गया था और इसे काला अध्याय बताया गया।
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