धमतरी ट्रिपल मर्डर केस में पांच आरोपियों को उम्रकैद, परिजनों का फूटा गुस्सा
समझें क्या है पूरा मामला...
- धमतरी ट्रिपल मर्डर केस में पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा।
- बिल भुगतान के विवाद में तीन युवकों की चाकू मारकर हत्या हुई थी।
- वारदात के बाद आरोपियों ने सेल्फी भी ली थी।
- परिजनों ने फांसी की सजा की मांग की थी और फैसले से नाराज हैं।
- परिजन अब ऊपरी अदालत में फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।
यह फैसला धमतरी के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया। कोर्ट के फैसले के बाद मृतकों के परिजन काफी नाराज दिखे। कोर्ट से बाहर निकलते समय गुस्साए परिजनों ने आरोपियों पर जूते-चप्पल और पत्थर फेंके।
यह मामला धमतरी के अर्जुनी थाना क्षेत्र के भोयना गांव स्थित एक ढाबे के पास बिल भुगतान को लेकर हुए मामूली विवाद से जुड़ा है, जो बाद में तीन युवकों की हत्या में बदल गया।
करीब एक साल के भीतर अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है।
परिजनों का गुस्सा, मांगी थी फांसी की सजा
परिवार वालों ने कहा कि उनके घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं, इसलिए आरोपियों को उम्रकैद नहीं बल्कि फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। एक रिश्तेदार ने भावुक होकर बताया कि उनकी डेढ़ साल की बेटी आज भी दरवाजे की तरफ देखती है और उसे लगता है कि उसके पिता चॉकलेट लेकर वापस आएंगे।
परिजनों ने कहा कि वे कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ आगे अपील करेंगे। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस दोषियों को वैन से जेल ले गई।
बिल भुगतान के विवाद से शुरू हुई घटना
यह मामला धमतरी के अर्जुनी थाना क्षेत्र के भोयना गांव स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास का है। कार सवार पांच युवक 11 अगस्त 2025 की रात धमतरी घूमने निकले थे।
वे रास्ते में कुछ पूछने के लिए भोयना गांव स्थित अन्नपूर्णा ढाबे पर रुके थे। इस दौरान वहां पहले से मौजूद आठ लोग बिल भुगतान को लेकर विवाद कर रहे थे और ढाबे की कुर्सियां तोड़ रहे थे।
विवाद ने लिया हिंसक रूप
कार से उतरे युवकों ने इन लोगों को रोकने की कोशिश की। नशे में धुत बदमाशों ने युवकों से गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी बात पर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ, पहले बहस हुई और फिर बात मारपीट तक पहुंच गई।
विवाद, गाली-गलौज और मारपीट के बीच मुख्य आरोपी ने चाकू से तीन युवकों पर हमला कर दिया। इस हमले में तीनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
वारदात के बाद ली थी सेल्फी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद तस्वीरें भी खींची थीं। यह तथ्य मामले की जांच के दौरान सामने आया और घटना की गंभीरता को और बढ़ाता है।
बालिग और नाबालिग दोनों आरोपी शामिल
पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पांच बालिग आरोपी और तीन नाबालिग आरोपी शामिल थे।
लोक अभियोजक गीतेश प्रजापति के मुताबिक ट्रिपल मर्डर मामले में पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
अलग-अलग धाराओं में मिली सजा
इसके अलावा बलवा करने के मामले में दो-दो साल, हथियार रखने के मामले में पांच-पांच साल और अन्य लोगों से मारपीट के मामले में छह-छह महीने की सजा दी गई है।
लोक अभियोजक के मुताबिक कुछ आरोपियों को हथियार रखने के मामले में अलग से भी सजा मिली है। हालांकि तीन साल तक की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
एक साल में आया फैसला
वकील ने बताया कि इस मामले में करीब एक साल के भीतर फैसला आ गया। 11 नवंबर को कोर्ट में चालान पेश किया गया था और 12 अगस्त 2026 को फैसला सुना दिया गया।
उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। यह फैसला प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह कोर्राम की अदालत ने सुनाया।
अब आगे क्या
मृतकों के परिजन भी फांसी की मांग कर रहे थे। अब वे चाहें तो इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील कर सकते हैं।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि परिजन इस फैसले को चुनौती देते हैं या नहीं और अपील की स्थिति में मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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