जगदलपुर नगर निगम का अनोखा डॉग नसबंदी अभियान वायरल
Jagdalpur। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में इन दिनों आवारा कुत्तों की नसबंदी से ज्यादा चर्चा उनकी विधिवत पूजा की हो रही है। आमतौर पर नगर निगम के अभियान जेसीबी, गड्ढों और नोटिसों के बीच शुरू होते हैं, लेकिन जगदलपुर नगर निगम ने इस बार ऐसा दृश्य रचा कि लोग समझ ही नहीं पाए कि वे सरकारी कार्यक्रम देख रहे हैं या किसी धार्मिक अनुष्ठान का लाइव प्रसारण।
निगम के अभियान में पूजा और सरकारी प्रक्रिया का मिश्रण
महाराणा प्रताप वार्ड स्थित एसएलआरएम डोंगरी सेंटर के पास जब एबीसी यानी एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की शुरुआत हुई तो माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। सामने आवारा कुत्ते बैठे थे।निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि पूजा की थाली लेकर खड़े थे। माथे पर तिलक लगाया गया, आरती उतारी गई, दूध पिलाया गया और फिर बड़े सम्मान के साथ नसबंदी अभियान की शुरुआत कर दी गई। शहर में पहली बार किसी सरकारी अभियान में पहले पूजा, फिर प्रक्रिया वाला मॉडल देखने को मिला।
महापौर संजय पाण्डेय की पहल
इस पूरे कार्यक्रम की अगुवाई महापौर संजय पाण्डेय ने की। महापौर ने बाकायदा कुत्तों की पूजा की और फिर शहरवासियों से अपील की कि वे इस महाअभियान में सहयोग करें। नगर निगम का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाओं, रात में झुंड बनाकर घूमते आवारा कुत्तों और रेबीज के खतरे को देखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। लेकिन जिस तरीके से इसकी शुरुआत हुई, उसने पूरे शहर को चर्चा का नया विषय दे दिया।
अभियान की आवश्यकता और उद्देश्य
नगर निगम ने इस अभियान के लिए पूरी प्रशासनिक “फौज” भी खड़ी कर दी है। अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं, जिम्मेदारियां तय की गई हैं और पशु प्रेमियों को निगरानी समिति में शामिल किया गया है ताकि कुत्तों को पकड़ने और ऑपरेशन की प्रक्रिया में किसी तरह की क्रूरता न हो। फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा उस दृश्य की हो रही है जिसमें नगर निगम के अधिकारी आवारा कुत्तों को दूध पिलाते नजर आए। सोशल मीडिया पर लोगों ने मजाक में लिखना शुरू कर दिया कि जगदलपुर में अब नसबंदी से पहले धार्मिक संस्कार जरूरी हैं। कुछ यूजर्स ने तंज कसते हुए कहा कि इतना सम्मान तो कई बार इंसानों को भी सरकारी दफ्तरों में नहीं मिलता। आखिर यह नगर निगम का अभियान था या श्वान सम्मान समारोह। किसी ने इसे संवेदनशीलता कहा, किसी ने पीआर स्टंट बताया।
सभी की नजरें अब इस अभियान पर
फिलहाल जगदलपुर नगर निगम का यह अजब-गजब अभियान पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर रहा है। सरकारी फाइलों की दुनिया से निकलकर जब अभियान पूजा की थाली तक पहुंच जाए, तो वायरल होना तय ही माना जाता है।
FAQ
1. कुत्तों की पूजा क्यों की गई?
यह नसबंदी अभियान था, जिसमें कुत्तों की पूजा कर उनके सम्मान में शुरुआत की गई।
2. क्या यह धार्मिक अनुष्ठान था?
नहीं, यह सरकारी अभियान था, लेकिन पूजा के रूप में शुरुआत की गई।
3. महापौर का क्या रोल था?
महापौर संजय पाण्डेय ने कुत्तों की पूजा की और अभियान की शुरुआत की।
4. अभियान का उद्देश्य क्या है?
आवारा कुत्तों की नसबंदी कर डॉग बाइट और रेबीज के खतरे को कम करना।
5. सोशल मीडिया पर क्या प्रतिक्रियाएं आईं?
लोग मजाकिया रूप से इसे धार्मिक संस्कार से जोड़ रहे हैं।
6. नगर निगम ने क्या कदम उठाए?
समितियां बनाई गई हैं और निगरानी के लिए पशु प्रेमियों को शामिल किया गया है।
7. क्या यह अभियान सुर्खियों में है?
हां, यह अभियान पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है।
यह खबरें भी पढ़े...
वायरल खबर : जगदलपुर पहुंचे सचिन तेंदुलकर, सीएम साय का बस्तर दौरा रद्द
जगदलपुर हवाई सेवा; बस्तर की उड़ानों को मिल रहा जबरदस्त रिस्पॉन्स, रायपुर-हैदराबाद के लिए बढ़े यात्री!
जगदलपुर में कानून व्यवस्था को लेकर बैठक: सुरक्षा को प्राथमिकता, सख्त कदम उठाने के निर्देश
आज जगदलपुर में अहम बैठक लेंगे कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट; SIR अभियान की करेंगे समीक्षा