आवारा कुत्ते ने ली जान, सरकार बेखबर! हाईकोर्ट ने पूछा- मौत हुई तो मुआवजा क्यों नहीं?

VINAY VERMA | Jun 01, 2026, 11:05 IST
dog-bite-death-hc-petition-compensation
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में आवारा कुत्ते के काटने से बच्चे की मौत के मामले में याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है।

News in Short:

  • कुत्ता काटने से बेटे की मौत, पिता पहुंचे HC
  • 4 लाख रुपए मुआवजे की मांग पर सुनवाई
  • राज्य सरकार ने कहा- ऐसा कोई प्रावधान नहीं
  • हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया
  • 30 जून को फिर होगी मामले की सुनवाई

News in Detail:

आवारा कुत्तों के आतंक पर अब हाई कोर्ट सख्त हो गया है। कुत्ते के काटने से बेटे की मौत के बाद एक पिता न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंचा तो अदालत ने सरकार से सीधे सवाल पूछ दिए। कोर्ट ने पूछा कि अगर किसी की जान चली जाए तो पीड़ित परिवार को राहत देने की व्यवस्था क्यों नहीं है।



2024 में हुई थी दर्दनाक मौत:

याचिकाकर्ता धीरज पारधी ने हाई कोर्ट को बताया कि वर्ष 2024 में उनके बेटे को आवारा कुत्ते ने काट लिया था। बाद में उसकी मौत हो गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार से 4 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की।



मुआवजे का नियम ही नहीं-सरकार:

मामले की सुनवाई जस्टिस एन.के. व्यास की वेकेशन बेंच में हुई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आर.के. गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि छत्तीसगढ़ में आवारा कुत्ते के काटने से मौत या गंभीर चोट पर मुआवजा देने का कोई विशेष प्रावधान नहीं है।



सरकार ने कहा कि अभी सिर्फ प्राकृतिक आपदा, सांप-बिच्छू के काटने या जंगली जानवरों के हमले में राहत राशि देने की व्यवस्था है। कुत्ते के हमले से मौत इस दायरे में शामिल नहीं है।



HC ने पूछा- पीड़ित जाए कहां?

सरकार का जवाब सुनकर अदालत ने गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर शपथपत्र के जरिए जवाब मांगा है। अदालत जानना चाहती है कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को राहत देने के लिए वर्तमान में क्या व्यवस्था है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या सरकार भविष्य में नीति में संशोधन करने पर विचार कर रही है या नहीं। साफ है कि अदालत अब इस मुद्दे पर ठोस जवाब चाहती है।



सुप्रीम कोर्ट की निगरानी का भी हवाला:

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट (CG High Court) ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही स्वत: संज्ञान जनहित याचिका का भी उल्लेख किया। देशभर में आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर शीर्ष अदालत निगरानी कर रही है। राज्यों से नियमित अनुपालन रिपोर्ट मांगी जा रही है। हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार की रिपोर्ट पहले रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से संकलित होगी। इसके बाद उसे सुप्रीम कोर्ट भेजा जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को तय की गई है।



जमीन पर फेल साबित हो रहे दावे:

शहर हो या गांव, आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग निशाने पर हैं। रेबीज के मामले भी चिंता बढ़ा रहे हैं। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से मौतें हो रही हैं। नगर निगम और स्थानीय निकाय नसबंदी और टीकाकरण अभियान के बड़े दावे करते हैं। लेकिन हालात कुछ और कहानी बता रहे हैं। कई इलाकों में लोग शाम ढलते ही बाहर निकलने से डरते हैं।



अब सरकार की नीति कटघरे में:

यह मामला सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं रह गया है। सवाल पूरे सिस्टम पर खड़ा हो गया है। जब सांप, बिच्छू और जंगली जानवरों के हमले पर मुआवजा मिल सकता है तो आवारा कुत्तों के हमले में जान गंवाने वालों के लिए व्यवस्था क्यों नहीं है?



अब नजर 30 जून की सुनवाई पर है। देखना होगा कि सरकार नई नीति लाती है या फिर पीड़ित परिवारों को अदालत के दरवाजे पर ही न्याय तलाशना पड़ेगा।



FAQ

  1. आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का क्या आदेश है?
    सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों और नगर निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे नसबंदी (sterilization), टीकाकरण (vaccination) और शेल्टर होम व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करें। साथ ही राज्यों से नियमित अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है, ताकि कुत्तों के हमलों और रेबीज मामलों पर नियंत्रण किया जा सके।
  2. कुत्ते के काटने से मौत मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
    छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और मुख्य सचिव से शपथपत्र के जरिए जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की क्या व्यवस्था है और क्या सरकार इस पर नई नीति बनाने पर विचार कर रही है। अगली सुनवाई 30 जून को होगी।

यह खबरें भी पढ़ें...

सार्वजनिक जगहों से हटेंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला



सरकारी फाइलों में कैद रहा नसबंदी अभियान, सड़कों पर मासूमों को नोंच रहे आवारा कुत्ते



रतलाम में कुत्ते के काटने पर 2 पक्षों में विवाद, बीजेपी नेता बलवंत भाटी ने कुत्तों को खाना खिलाने वाली महिला और उसकी बेटी को पीटा



Chhattisgarh News : कुत्ता के काटने से गायों की मौत , पूरे गांव वालों ने दूध खाया, अब जान बचाने करना पड़ रहा ये काम



Tags:
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • CG High Court
  • मुआवजे की मांग
  • आवारा कुत्ते
  • कुत्ते के काटने से मौत