छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई, 21 साल बाद पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला

Aishwarya Dwivedi | Jul 30, 2026, 16:04 IST
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में एटीएस ने 21 साल से रह रही बांग्लादेशी महिला रीना अख्तर को पकड़ा। वह 14 साल की उम्र में मुंबई के रास्ते आई थी।

समझें क्या है पूरा मामला

दुर्ग पुलिस ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान 21 वर्षों से रह रही बांग्लादेशी महिला रीना अख्तर को पकड़ा गया। महिला 14 साल की उम्र में मुंबई के रास्ते भिलाई पहुंची थी। वह हाल ही में बांग्लादेश से लौटकर भिलाई आई थी। सूचना मिलने पर एटीएस ने उसे हिरासत में ले लिया।



दुर्ग में बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। भिलाई नगर के सेक्टर-5 क्षेत्र से पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को पकड़ा है। महिला की पहचान रीना अख्तर के रूप में हुई है। वह पिछले 21 सालों से भारत में अवैध रूप से रह रही थी। वह हाल ही में बांग्लादेश से वापस लौटी थी।



मुंबई के रास्ते पहुंची थी भिलाई

पूछताछ में रीना ने अपनी पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि बांग्लादेश में उसकी पहचान बिपुल राय से हुई थी। बिपुल एक ऑटो चालक था। बिपुल की मदद से वह केवल 14 साल की उम्र में मुंबई पहुंची। वहां कुछ दिन रहने के बाद वह बिना टिकट ट्रेन से भिलाई आ गई। भिलाई के सेक्टर-5 में वह लगभग 16 वर्षों तक रही। उसने यहीं अपना ठिकाना बना लिया था।



रायपुर में बनवा लिया था मकान

वर्ष 2021 में रीना ने रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के भाठागांव में एक मकान भी बनवा लिया था। वह वहीं रहने लगी थी। भारत में रहने के दौरान उसने कई पहचान संबंधी फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिए थे। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के पास उसकी पहले से जानकारी मौजूद थी। जांच के दौरान पुलिस को उसके पास से बांग्लादेश के भी पहचान पत्र मिले हैं। पुलिस ने सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं।



एटीएस ने लिया हिरासत में

रीना एक सप्ताह पहले ही बांग्लादेश से लौटकर भिलाई के सेक्टर-5 में अपने परिचित के पास आई थी। इसकी खबर मिलते ही एटीएस (Anti Terrorist Squad) की टीम सक्रिय हुई। एटीएस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। प्राथमिक पूछताछ के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए रायपुर भेज दिया गया है।



जिले में जारी है बड़ा अभियान

केंद्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर जिले में विशेष जांच अभियान चल रहा है। संदिग्ध लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। अब तक जिले में एक महिला समेत सात बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा जा चुका है। ये लोग सुपेला, मोहन नगर और छावनी क्षेत्रों में रह रहे थे। जांच में सामने आया कि दलालों की मदद से इन लोगों ने वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज बनवाए थे।



सरकार के नए कड़े नियम

गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने अवैध प्रवासियों के लिए सख्त नियम बनाए हैं। इसके तहत डिटेक्शन, डिलीट और डिपोर्ट की नीति लागू है। संदिग्धों की पहचान 30 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। हर जिले में अस्थायी होल्डिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं।



पकड़े गए लोगों को जेल भेजने के बजाय सीधे सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) को सौंपा जा रहा है। उनके बायोमीट्रिक आंकड़े भी फॉरेनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल पर दर्ज किए जा रहे हैं।



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