दुर्ग पुलिस की कार्रवाई : साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने वाले 26 गिरफ्तार

Umeshwari Baghel | Jul 28, 2026, 20:51 IST
भिलाई में साइबर ठगों के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा
दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 म्यूल बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंक खाते, एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग उपलब्ध कराकर साइबर अपराधियों की मदद कर रहे थे। पुलिस ने डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्यों के पर कार्रवाई की।

समझें क्या है पूरा मामला

  • दुर्ग में साइबर ठगी पर बड़ा एक्शन
  • 26 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार
  • खाते देकर साइबर ठगों की मदद
  • डिजिटल सबूतों से खुला पूरा नेटवर्क
  • साइबर अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा

Bhilai : साइबर अपराधियों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भिलाई नगर पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 26 म्यूल बैंक खातों के खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ये लोग अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा रहे थे। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर भेजा जा रहा था।



पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। वहीं साइबर ठगी के मुख्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश अभी जारी है।



पंजाब नेशनल बैंक के खातों की जांच से हुआ खुलासा

पुलिस के मुताबिक पुलिस मुख्यालय साइबर शाखा के निर्देश पर भिलाई नगर थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत 21 अप्रैल 2026 से साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों में सामने आए बैंक खातों की जांच शुरू की गई।



जांच के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के कई ऐसे खाते मिले, जिनमें साइबर ठगी से हासिल रकम सबसे पहले जमा की गई थी। इन खातों को पुलिस ने लेयर-1 यानी म्यूल अकाउंट की श्रेणी में रखा। पुलिस जांच में पता चला कि साल 2024 से 2026 के बीच इन खातों से ठगी की रकम दूसरे बैंक खातों में भेजी गई और कई बार नकद निकासी भी की गई।



भिलाई में साइबर ठगों के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा


खाते उपलब्ध कराकर छिपाते थे ठगी की रकम

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी सीधे साइबर ठगी नहीं कर रहे थे, लेकिन वे अपराधियों को आर्थिक लेनदेन के लिए रास्ता उपलब्ध करा रहे थे।



आरोपी अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी साइबर अपराधियों को देते थे। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल ठगी से मिली रकम को जमा करने और आगे ट्रांसफर करने में किया जाता था। पुलिस का कहना है कि इस तरह आरोपी साइबर अपराधियों की मनी ट्रेल छिपाने में मदद कर रहे थे।



26 आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला

भिलाई नगर पुलिस ने इस मामले में 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 388/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3), 318(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



भिलाई में साइबर ठगों के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा


बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इनकी जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि इन खातों से कितनी राशि का लेनदेन हुआ और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।



मुख्य सरगनाओं की तलाश जारी

दुर्ग पुलिस अब इस नेटवर्क के पीछे काम करने वाले साइबर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना साइबर अपराध में भागीदारी माना जा सकता है और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।



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