छत्तीसगढ़ में एल्डरमेन की लिस्ट जारी, चुनाव से पहले सरकार की तैयारी
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनावों की आहट के बीच साय सरकार ने बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायपुर और सरगुजा संभाग के नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में एल्डरमेन (नामांकित पार्षदों) की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को सीधे चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे समय से नियुक्तियों का इंतजार कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को अब जिम्मेदारी और पहचान दोनों मिल गई है।
रायपुर निगम में सबसे ज्यादा 11 एल्डरमेन
जारी आदेश के अनुसार राजधानी रायपुर नगर निगम में सबसे ज्यादा 11 एल्डरमेन नियुक्त किए गए हैं। इनमें रामकिंकर सिंह, विनय ओझा, मनीष करडभुजे, मित्रसेन धीमान, राजू राघवानी, गोपाल सोना, बी. श्रीनिवास राव, अनिल सोनकर, गोपी साहू, विक्रम सिंह ठाकुर और ऋषि साहू शामिल हैं।
वहीं अंबिकापुर नगर निगम में 9 एल्डरमेन मनोनीत किए गए हैं। धमतरी नगर निगम में भी बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं। सरकार ने बड़े निकायों में संगठन से जुड़े चेहरों को प्राथमिकता देकर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।
छोटे निकायों तक साधे गए राजनीतिक समीकरण
सरगुजा संभाग के बलरामपुर, रामानुजगंज, सूरजपुर, जशपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और कोरिया जिले के नगर निकायों में भी एल्डरमेन नियुक्त किए गए हैं। नगर पालिका से लेकर नगर पंचायत स्तर तक नामांकन कर संगठन के स्थानीय समीकरणों को साधने का प्रयास किया गया है।
रायपुर संभाग में भी रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के दर्जनों निकाय इस सूची में शामिल हैं। माना जा रहा है कि सरकार ने क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक सक्रियता को ध्यान में रखकर नाम तय किए हैं।
चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को साधने की कोशिश?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं है। निकाय चुनाव से पहले संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान और अवसर देने की रणनीति भी इसके पीछे दिखाई देती है।
कई निकायों में लंबे समय से कार्यकर्ता एल्डरमेन नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। सूची जारी होने के बाद भाजपा संगठन के भीतर उत्साह बढ़ा है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि जमीनी स्तर पर काम करने वालों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
दिव्यांग और सामाजिक प्रतिनिधित्व का भी संदेश
सरकार ने सूची में सामाजिक संतुलन बनाने का भी प्रयास किया है। अंबिकापुर नगर निगम में दिव्यांग वर्ग से श्रीधरकेशरी को एल्डरमेन बनाया गया है। इससे सरकार ने सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश देने की कोशिश की है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले चुनावों में सामाजिक समूहों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। ऐसे में इस तरह के निर्णयों का चुनावी असर भी दिखाई दे सकता है।
दूसरी ओर चुनावी मैदान भी सज गया
एल्डरमेन नियुक्तियों के साथ ही राज्य में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव की तस्वीर भी साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नामांकन जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अंतिम सूची के मुताबिक नगरीय निकायों के आम और उप चुनाव में कुल 240 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों में 392 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यानी कुल 632 उम्मीदवार जनता के बीच वोट मांगेंगे।
द सूत्र विश्लेषण: संगठन मजबूत करने का डबल गेम प्लान
रायपुर और सरगुजा संभाग में एल्डरमेन नियुक्तियों तथा दूसरी ओर चुनावी प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने को जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार ने एक तरफ संगठन के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी है, वहीं दूसरी तरफ चुनावी माहौल में अपने राजनीतिक ढांचे को और मजबूत करने का प्रयास किया है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि शेष संभागों में एल्डरमेन की सूची कब जारी होती है और इन नियुक्तियों का आगामी नगरीय निकाय चुनावों में कितना राजनीतिक लाभ मिलता है।
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