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News In Short
- मध्यप्रदेश में एल्डरमैन नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
- भोपाल समेत छह संभागों के निकायों में पहले नियुक्तियां होंगी।
- सत्ता और संगठन ने करीब 500 नाम तय किए हैं।
- सभी नामों की पुलिस जांच कराई जा रही है।
- जांच पूरी होते ही सरकार आदेश जारी करेगी।
News In Detail
मध्यप्रदेश में एल्डरमैन नियुक्ति की प्रक्रिया तेज
मध्यप्रदेश में नगर निगम और नगर पालिकाओं में राजनीतिक नियुक्तियों की तैयारी तेज है। सरकार एल्डरमैन पदों पर नियुक्ति करने जा रही है। इस प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है।
सत्ता और संगठन दोनों ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। सबसे पहले छह संभागों से जुड़े निकायों में नियुक्तियां होंगी। इनमें भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, जबलपुर और उज्जैन शामिल हैं। इन संभागों के नगर निगम और नगर पालिकाएं प्रक्रिया में रहेंगी।
500 नामों की सूची पुलिस को सौंपी गई
नियुक्तियों के लिए करीब 500 नामों की सूची तैयार की गई है। यह सूची अब पुलिस विभाग को सौंप दी गई है। पुलिस इन सभी नामों का रिकॉर्ड जांचेगी। इस प्रक्रिया को पुलिस वेरिफिकेशन कहा जा रहा है। यदि किसी नाम पर आपराधिक मामला मिला तो नियुक्ति रुक सकती है। सरकार साफ रिकॉर्ड वाले नामों पर ही फैसला लेगी। इसी वजह से पुलिस जांच को अहम माना जा रहा है।
एसपी देंगे रिपोर्ट, फिर जारी होंगे आदेश
हर जिले के पुलिस अधीक्षक जांच रिपोर्ट देंगे। जैसे ही रिपोर्ट शासन को मिलेगी, अगली प्रक्रिया शुरू होगी। रिपोर्ट सही मिलने पर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे। सरकार इस काम को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। शासन स्तर पर फाइलें तैयार की जा रही हैं। अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए जा चुके हैं। लक्ष्य है कि प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।
एल्डरमैन कौन होते हैं?
मध्य प्रदेश में एल्डरमैन (वरिष्ठ पार्षद) नगर निगम (Municipal Council), नगर पालिका या नगर परिषद में राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य होते हैं। यह स्थानीय प्रशासन में विशेष ज्ञान या अनुभव के आधार पर चुने जाते हैं। ये निर्वाचित पार्षदों के साथ निगम की बैठकों में भाग लेते हैं, लेकिन वोटिंग का अधिकार सीमित होता है (जैसे मेयर चुनाव में नहीं)।
एल्डरमैन की भूमिका और नियुक्ति
मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 19(1)(c) के तहत नगर निगमों में अधिकतम 4, नगर पालिकाओं में 4 और नगर पंचायतों में 2 एल्डरमैन राज्य सरकार नामित करती है।
एल्डरमैन के अधिकार और कर्तव्य
एल्डरमैन पार्षदों की तरह निगम की नीतियों, बजट और निर्णयों पर चर्चा करते हैं, लेकिन वोटिंग में पूर्ण अधिकार नहीं होता। वे स्थायी समिति या वार्ड समितियों में भाग ले सकते हैं और विकास कार्यों, सामुदायिक मुद्दों पर योगदान देते हैं। अधिनियम में स्पष्ट रूप से मतदान अधिकार सीमित हैं।
वेतन और भत्ते
एल्डरमैन को वेतन नहीं, बल्कि सम्मान भत्ता (Honorarium) मिलता है, जो अधिनियम में निर्धारित नहीं बल्कि नियमों से तय होता है। पुराने केस में मेयर को 200 रुपये मासिक भत्ता उल्लेखित है, लेकिन वर्तमान दरें राज्य शासन द्वारा तय होती हैं और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं। आधिकारिक अपडेट के लिए मध्य प्रदेश शहरी विकास विभाग (mpurban.gov.in) देखें।
चुनाव से पहले नियुक्ति पर उठे सवाल
निकाय चुनाव में अब करीब डेढ़ साल का समय बचा है। इसी बीच एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कुछ पार्टी पदाधिकारी इस फैसले से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि नियुक्ति पहले हो जानी चाहिए थी। अब चुनाव नजदीक होने से इसका असर कम रहेगा।
उनका आरोप है कि यह केवल औपचारिक कदम है।
जनवरी के अंत तक आदेश की उम्मीद
सरकारी हलकों में चर्चा है कि प्रक्रिया जल्दी पूरी होगी। पुलिस वेरिफिकेशन जनवरी में पूरा हो सकता है। इसके बाद आदेश जारी होने की संभावना है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला तो नियुक्तियां जल्द दिखेंगी। सरकार इसे संगठनात्मक संतुलन से भी जोड़कर देख रही है।
3 जरूरी FAQ
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