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News In Short
मध्य प्रदेश में एल्डरमैन की नियुक्ति जल्द होगी। इसके लिए सूची तैयार की गई है।
विधायकों से 4 नामों की सूची मांगी गई थी, अब अंतिम रूप में है।
नियुक्तियों का उद्देश्य पार्टी के पुराने और नए नेताओं को सम्मानित करना है।
नामों की गोपनीय वेरिफिकेशन जिला प्रशासन से करवाई जा रही है।
नगर निगमों में एल्डरमैन की संख्या तय हो चुकी है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 12-12 नियुक्तियां होंगी।
News in Detail
BHOPAL. मध्य प्रदेश में स्थानीय निकायों में एल्डरमैन की नियुक्तियां जल्द ही होने वाली हैं। सत्ता और संगठन के प्रमुख नेताओं ने हर जिले से संभावित नामों की सूची तैयार कर वेरिफिकेशन के लिए भेजी है।
मध्यप्रदेश सरकार ने पार्टी के विधायकों से उनके पसंदीदा 4 नामों की सूची भी मांगी थी। ऐसे में कई विधायकों ने दो महीने पहले, तो कुछ ने केवल 2-3 सप्ताह पहले ही अपनी सूची संगठन प्रमुख को सौंपी थी। अब ये नामों की सूची अंतिम रूप में तैयार हो चुकी है।
एल्डरमैन नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज
प्रदेश की 16 नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में अगले पखवाड़े तक सैकड़ों कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सूत्रों के मुताबिक, इन नियुक्तियों का उद्देश्य पार्टी से जुड़े पुराने और नए नेताओं को सम्मानित करना है। हालांकि, सबसे पहले एल्डरमैन की सूची घोषित की जाएगी। इसके बाद अन्य राजनीतिक नियुक्तियों पर ध्यान दिया जाएगा।
दावेदारों के नामों पर विचार जारी
संगठन से जुड़े वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं के साथ विधानसभा और लोकसभा चुनावों में आए नेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इसमें वे नेता शामिल होंगे जो चुनावों के दौरान कांग्रेस और अन्य दलों से पार्टी में शामिल हुए थे।
इसके लिए संगठन ने प्रक्रिया तय कर ली है। साथ ही, दावेदारों की सूची तैयार की है। इन सूचियों को अब गोपनीय रूप से जिला प्रशासन को वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियुक्तियों में किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि या डिफॉल्टर के नाम न आएं।
क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए चयन
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सीएम मोहन यादव, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस पर चर्चा की है। प्रत्येक जिले के नामों की जातीय और क्षेत्रीय समीकरण के हिसाब से गहन जांच की गई है। इसके बाद ही सूची को अंतिम रूप दिया गया है।
नगर निगमों में एल्डरमैन की संख्या तय
एमपी के जिन नगर निगमों की आबादी 10 लाख से अधिक है, वहां 12-12 एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर शामिल हैं। वहीं, अन्य नगर निगमों जैसे उज्जैन, सागर, सतना, छिंदवाड़ा, देवास, रतलाम, कटनी, मुरैना, सिंगरौली, रीवा, बुरहानपुर और खंडवा में 8-8 एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे।
एल्डरमैन नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम दौर में- महामंत्री सुमेर सिंह
बीजेपी के राज्यसभा सदस्य और महामंत्री सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि भाजपा संगठन में सामूहिक विचार मंथन के बाद निर्णय लेने की परंपरा है। स्थानीय निकायों के लिए एल्डरमैन नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। शीघ्र ही नामों की सूची जारी की जाएगी।
Sootr Knowledge
एल्डरमैन कौन होते हैं?
मध्य प्रदेश में एल्डरमैन (वरिष्ठ पार्षद) नगर निगम (Municipal Council), नगर पालिका या नगर परिषद में राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य होते हैं। यह स्थानीय प्रशासन में विशेष ज्ञान या अनुभव के आधार पर चुने जाते हैं। ये निर्वाचित पार्षदों के साथ निगम की बैठकों में भाग लेते हैं, लेकिन वोटिंग का अधिकार सीमित होता है (जैसे मेयर चुनाव में नहीं)।
एल्डरमैन की भूमिका और नियुक्ति
मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 19(1)(c) के तहत नगर निगमों में अधिकतम 4, नगर पालिकाओं में 4 और नगर पंचायतों में 2 एल्डरमैन राज्य सरकार नामित करती है।
एल्डरमैन के अधिकार और कर्तव्य
एल्डरमैन पार्षदों की तरह निगम की नीतियों, बजट और निर्णयों पर चर्चा करते हैं, लेकिन वोटिंग में पूर्ण अधिकार नहीं होता। वे स्थायी समिति या वार्ड समितियों में भाग ले सकते हैं और विकास कार्यों, सामुदायिक मुद्दों पर योगदान देते हैं। अधिनियम में स्पष्ट रूप से मतदान अधिकार सीमित हैं।
एल्डरमैन के वेतन और भत्ते
एल्डरमैन को वेतन नहीं, बल्कि सम्मान भत्ता (Honorarium) मिलता है, जो अधिनियम में निर्धारित नहीं बल्कि नियमों से तय होता है। पुराने केस में मेयर को 200 रुपये मासिक भत्ता उल्लेखित है, लेकिन वर्तमान दरें राज्य शासन द्वारा तय होती हैं और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं। आधिकारिक अपडेट के लिए मध्य प्रदेश शहरी विकास विभाग (mpurban.gov.in) देखें।
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