प्रशासनिक कसौटी पर अफसर: एक्शन प्लान की रिपोर्ट से तय होगी बड़ी सर्जरी

मध्य प्रदेश के अफसरों पर एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तलवार लटक रही है। सीएम के आदेशों की समीक्षा और एक्शन प्लान की रिपोर्ट से तय होगा कि कौन अफसर बदलेंगे।

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Ramanand Tiwari
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Photograph: (thesootr)

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NEWS IN SHORT

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन कलेक्टर और कमिश्नरों से परफॉर्मेंस रिपोर्ट लेंगे।
  • फरवरी के अंत में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल की संभावना है।
  • सीएम ने अफसरों को योजनाओं को समय-सीमा में लागू करने के निर्देश दिए थे।
  • 85 प्रमुख मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसमें जनहित से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
  • जिलों की रैंकिंग 10 बिंदुओं पर की जाएगी, बेहतर जिलों को प्रोत्साहन मिलेगा।

NEWS IN DETAIL

BHOPAL. मध्य प्रदेश में प्रशासनिक हलचल एक बार फिर तेज होने वाली है। मुख्य सचिव अनुराग जैन बुधवार को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के एक्शन प्लान पर मैदानी अफसरों से सीधी रिपोर्ट लेंगे। यही रिपोर्ट आने वाले दिनों में अफसरों की किस्मत तय करेगी।

परफॉर्मेंस रिपोर्ट बनेगी, उसी से होगी पदस्थापना

इस समीक्षा के बाद कलेक्टर, कमिश्नर और अन्य मैदानी अधिकारियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर फरवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाली बड़ी प्रशासनिक सर्जरी में तबादले और नई पदस्थापनाएं तय होंगी। मतलब साफ है काम दिखा, तो मौका मिला; लापरवाही रही, तो कुर्सी हिली।

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सीएम के निर्देश अब कसौटी पर

राजधानी भोपाल में अक्टूबर में हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अफसरों को साफ निर्देश दिए थे। योजनाओं को तय समय-सीमा में लागू करना और अगले तीन महीने व एक साल के लक्ष्य तय कर काम करना अनिवार्य किया गया था। अब उन्हीं निर्देशों के पालन की वास्तविक स्थिति सामने आने वाली है।

एसआईआर के बाद सरकार का फोकस बदला

22 साल बाद कराई गई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चुनावी गतिविधियों की व्यस्तता थमते ही सरकार अब पूरी तरह मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं वाले कामों की समीक्षा में जुट गई है। कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के परफॉर्मेंस डेटा की गहराई से जांच की जा रही है।

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फरवरी के अंतिम सप्ताह में खुलेंगे तबादलों के रास्ते

21 फरवरी तक चुनाव आयोग का तबादलों पर लगा अघोषित प्रतिबंध समाप्त हो जाएगा। इसके बाद बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल तय माना जा रहा है। कई जिलों में एसपी डीआईजी पद पर प्रमोट हो चुके हैं, वहीं कई आईएएस अधिकारी कलेक्टर रहते हुए सचिव बन चुके हैं—अब नई पोस्टिंग जरूरी हो गई है।                          

एक्शन प्लान की चौथी कोशिश

करीब साढ़े तीन महीने पहले भोपाल में दो दिवसीय कमिश्नर्स-कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में विस्तृत एक्शन प्लान बनाया गया था। इस एक्शन प्लान की समीक्षा बैठक कई बार टल चुकी है। अब बुधवार को यह अहम बैठक होने जा रही है।

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जिलों से सीधे फीडबैक लेंगे मुख्य सचिव

इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन जिलों से सीधे पूछेंगे कि किस जिले ने कितना काम किया और कहां सिर्फ फाइलें चलीं? इसी फीडबैक और आंकड़ों के आधार पर कलेक्टरों व एसपी की परफॉर्मेंस रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

कलेक्टर-कमिश्नर हुए एक्टिव

सीएस की बैठक की तारीख तय होते ही जिलों में हलचल बढ़ गई थी। कलेक्टर और कमिश्नरों ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों से एजेंडावार रिपोर्ट तलब कर ली है। मकसद साफ है बैठक में कोई सवाल अनुत्तरित न रह जाए।

85 मुद्दों पर मांगी गई रिपोर्ट

इस समीक्षा में पुलिस, जिला पंचायत, बिजली, नगरीय विकास समेत कई विभागों के 85 प्रमुख मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अफसरों को जनहित से जुड़े मामलों में ज्यादा सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

10 बिंदुओं पर जिलों की रैंकिंग

सामान्य प्रशासन विभाग ने विभिन्न विभागों से मिले आंकड़ों के आधार पर जिलों और संभागों की रैंकिंग तैयार की है। यह रैंकिंग 10 प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है। इन क्षेत्रों में हुआ मूल्यांकन कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र, स्वास्थ्य एवं पोषण रोजगार उद्योग और निवेश, नगरीय विकास सुशासन, शिक्षा, ग्रामीण विकास एवं जनजातीय कार्य कानून व्यवस्था सहित अन्य बिंदुओं पर टॉप और बॉटम जिलों को चिन्हित किया गया है।

टॉप को प्रोत्साहन, बॉटम पर सख्ती

इस रैंकिंग का उद्देश्य साफ है। बेहतर काम करने वाले जिलों को प्रोत्साहन और कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार की सख्त हिदायत। संभाग स्तर पर भी टॉप और बॉटम संभाग तय किए गए हैं।

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पीपीटी से होगी समीक्षा

इस पूरी कवायद के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने विस्तृत पीपीटी तैयार की है। इसी प्रेजेंटेशन के आधार पर मुख्य सचिव जिलों की प्रगति की बारीकी से समीक्षा करेंगे।

संकेत साफ: अब बहाने नहीं चलेंगे

यह बैठक सिर्फ समीक्षा नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की बड़ी परीक्षा है। अब देखना होगा कि कौन अफसर मुख्यमंत्री के विजन पर खरा उतरता है और कौन बदलाव की सूची में शामिल होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सामान्य प्रशासन विभाग राजधानी भोपाल कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस मुख्य सचिव अनुराग जैन
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