भोपाल गैस त्रासदी: CBI की सुस्ती या सिस्टम का खेल? मौत की पुष्टि न होने से फिर टली सुनवाई

Sanjay Sharma | Jan 20, 2026, 23:42 IST
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Bhopal Gas Tragedy, Hearing postponed again due to lack of confirmation of death
Photograph: (the sootr)

भोपाल गैस त्रासदी के मामले में एक बार फिर सुनवाई टल गई। सीबीआई को दोषी की मौत की पुष्टि के लिए एक सप्ताह का समय मिला है। 3 फरवरी को सुनवाई होगी।

News in Short

  • भोपाल स्थित यूनियन काबाईड में गैस रिसने से हजारों लोगों की मौत हुई थी।
  • इस त्रासदी के संबंधित क्रिमिनल केस में सीजेएम कोर्ट ने 2010 में कंपनी और कर्मचारियों को दोषी ठहराया था।
  • सीजेएम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दोषी घोषित यूनियन काबाईड के अधिकारियों ने जिला कोर्ट में अपील की थी।
  • दोषी घोषित अधिकारियों की अपील पर जिला कोर्ट में सुनवाई अब अंतिम मोड़ पर पहुंच चुकी है।
  • याचिकाकर्ता शकील अहमद कुरैशी की मौत की सूचना के बाद पुष्टि न होने के कारण कोर्ट ने सुनवाई टाल दी।
BHOPAL. यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी के क्रिमिनल केस की सुनवाई एक बार फिर टल गई। सीजेएम कोर्ट द्वारा घोषित दोषी की मौत की पुष्टि के बाद अब 3 फरवरी को भोपाल जिला अदालत मामले की सुनवाई करेगा। अदालत ने सीबीआई को मौत के सत्यापन के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।

News in Detail

भोपाल गैस त्रासदी का मामला 36 साल से अदालत की सुनवाई में अटका हुआ है। 7 जून 2010 में सीजेएम कोर्ट ने त्रासदी से जुड़े क्रिमिनल केस पर फैसला सुनाते हुए अमेरिकी कंपनी यूनियन काबाईड के 12 अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की थी। इन सभी को आईपीसी की धारा 304- ए के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई थी। इस सजा के खिलाफ कंपनी के पांच भारतीय अधिकारियों ने जिला न्यायालय में अपील पेश की थी। यूनियन काबाईड के वकील सीजेएम कोर्ट के फैसले को अधिकार क्षेत्र के बाहर बताकर आपत्ति दर्ज कराते रहे हैं।

हांलाकि भोपाल जिला अदालत उनकी आपत्तियों को नकारते हुए अपील पर सुनवाई कर रही है। इन्हीं में से एक दोषी और मामले के याचिकाकर्ता शकील अहमद कुरैशी की मौत की सूचना अदालत को दी गई थी। अदालत के आदेश के बावजूद सीबीआई 20 जनवरी को सुनवाई से पहले शकील अहमद की नागपुर में हुई मौत की जानकारी नहीं जुटा सकी। इस स्थिति को देखते हुए जिला अदालत ने सुनवाई को 3 फरवरी तक टाल दिया है। वहीं सीबीआई को एक सप्ताह में कुरैशी की मौत के वेरिफिकेशन करने का आदेश दिया गया है।

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प्रोडक्शन यूनिट में ऑपरेटर मौत की पुष्टि न होने से टली सुनवाई :

राजधानी में सोमवार को यूनियन कार्बाइड के भारतीय अधिकारियों और यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के खिलाफ चल रही क्रिमिनल अपील के मामले में डीजे कोर्ट में सुनवाई हुई। क्रिमिनल अपील पेश करने वालों में अन्य दोषियों के साथ शकील अहमद कुरैशी का भी नाम शामिल है।

शकील अहमद यूनियन कार्बाइड फैक्टरी में मिथाइल आइसोसाइनेट(MIC) प्लांट में प्रोडक्शन असिस्टेंट के रूप में कार्यरत था। इस वजह से सीजेएम कोर्ट ने उसकी भूमिका को देखते हुए उसे भी हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी घोषित किया था। सीबीआई की जांच में भी उसे गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार पाया गया था। 20 जनवरी को इस मामले में सीबीआई को अंतिम तर्क पेश करने थे लेकिन सुनवाई टल गई।

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सीबीआई एक सप्ताह में करेगी पुष्टि

कोर्ट के आदेश के बाद अब सीबीआई को शकील कुरैशी की मौत की जानकारी जुटाकर पुष्टि करने एक सप्ताह का समय दिया गया है। कोर्ट में 3 फरवरी को सुनवाई होगी जिसमें सीबीआई के साथ ही यूका के वकील कंपनी के पक्ष में अंतिम तर्क पेश करेंगे। गैस त्रासदी के लिए सीजेएम कोर्ट ने 12 आरोपियों को दोषी माना था।

इनमें यूका चेयरमैन वारेन एंडरसन के अलावा सात भारतीय थे। जिसमें केशव महिन्द्रा, एमपी वीपी गोखले, वाइस चेयरमैन किशोर कामदार, वर्क मैनेजर जे.मुकुंद, प्रोडक्शन मैनेजर एसपी चौधरी, प्लांट सुपरीटेंडेंट केवी शेट्टी और प्रोडक्शन असिस्टेंट एसए कुरैशी के नाम शामिल थे। केस की सुनवाई के दौरान पांच दोषियों की मौत पहले ही हो चुकी है।

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  • भोपाल गैस त्रासदी
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