छत्तीसगढ़ में नकली खाद का भंडाफोड़, लैब टेस्ट में पोटाश शून्य
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़कृषि विभाग की टीम ने बोडला के गोलू कृषि केंद्र पर जांच की थी। टीम ने वहां से पोटाश खाद के सैंपल लिए थे। लैब जांच की रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया है। खाद की बोरी पर साठ प्रतिशत पोटाश लिखा हुआ था। लेकिन जांच में पोटाश की मात्रा शून्य प्रतिशत पाई गई है।
प्रशासन ने दुकान को किया सील
यह गंभीर मामला सामने आने के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाया है। कृषि विभाग की टीम ने दुकान और गोदाम को तुरंत सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान दुकान में एक टन खाद मौजूद थी। अधिकारी अब पूरे जिले में जांच करने की योजना बना रहे हैं। उन्हें शक है कि जिले में नकली खाद का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। विभाग ने यूरिया और डीएपी के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं।
अधिकारियों ने दुकान संचालक से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान संचालक खाद की खरीद-बिक्री का कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। उसके पास स्टॉक रजिस्टर और परिवहन से जुड़े कागज भी नहीं थे। दुकानदार ने बताया कि वह खाद पोड़ी क्षेत्र से लाया था। अब विभाग यह पता लगा रहा है कि पोड़ी में यह खाद कहां से आई। विभाग अब इस मामले में एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज कराने की तैयारी में है।
उर्वरक निरीक्षक बीरेन्द कुमार यादव ने बताया कि सैंपल में पोटाश शून्य मिला है। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की कंडिका 19(ए) का सीधा उल्लंघन है। इसमें एमओपी (MOP – Muriate of Potash) खाद के नाम पर मिट्टी बेची जा रही थी। किसानों से पोटाश के नाम पर पूरे पैसे ऐठे जा रहे थे। लेकिन इस खाद में फसल के लिए जरूरी तत्व ही गायब थे। इससे किसानों की मेहनत और पैसे दोनों बर्बाद हो रहे थे।
कोरबा में भी विभाग की बड़ी कार्रवाई
नकली और अवैध खाद का खेल सिर्फ कवर्धा तक सीमित नहीं है। कोरबा जिले के उरगा में भी कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग को उरगा क्षेत्र में उर्वरक के अवैध भंडारण की शिकायत मिली थी। इसके बाद टीम ने सिलियरी भाठा स्थित एक अघोषित गोदाम में औचक दबिश दी। वहां बिना किसी वैध दस्तावेज के खाद का स्टॉक रखा गया था।
सौ बोरी अवैध यूरिया बरामद
कृषि विभाग की टीम ने मौके से 100 बोरी आईपीएल (IPL – Indian Potash Limited) यूरिया जब्त किया है। यह अवैध स्टॉक श्याम ट्रेडर्स के संचालक का बताया जा रहा है। संचालक ने इस गोदाम की जानकारी विभाग को नहीं दी थी। वह निरीक्षण के दौरान यूरिया के क्रय-विक्री से जुड़े बिल पेश नहीं कर सका। उसके पास कोई भी वैध लाइसेंस या जरूरी कागजात नहीं थे।
अधिकारियों के मुताबिक इतनी बड़ी मात्रा में खाद छिपाकर रखने का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। कोरबा जिले में खाद और बीज बिक्री के लिए 138 लाइसेंसी दुकानें हैं। कुछ दुकानदार पड़ोसी जिलों से खाद लाकर यहां खपाने का प्रयास कर रहे हैं। विभाग अब इन सभी दुकानों की निगरानी बढ़ा रहा है। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
FAQ
- कवर्धा में किस दुकान पर नकली खाद पकड़ी गई है?
उत्तर: कवर्धा जिले के बोडला में स्थित गोलू कृषि केंद्र पर नकली पोटाश खाद पकड़ी गई है। विभाग ने इस दुकान और इसके गोदाम को पूरी तरह सील कर दिया है। - पोटाश खाद की लैब जांच रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ है?
उत्तर: खाद की बोरी पर 60 प्रतिशत पोटाश होने का दावा किया गया था। लेकिन सरकारी लैब की जांच में पोटाश की मात्रा शून्य प्रतिशत यानी 0% पाई गई है। - कोरबा के उरगा में कृषि विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
उत्तर: कोरबा के उरगा में एक अघोषित गोदाम पर छापा मारकर 100 बोरी अवैध यूरिया जब्त किया गया है। यह स्टॉक बिना किसी वैध दस्तावेज के छिपाकर रखा गया था।
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