Synopsis: बीजापुर में सरकारी आवासीय गर्ल्स पोर्टा केबिन में भीषण आग लग गई। वहां मौजूद 305 बच्चियों को रेस्क्यू किया गया। जबकि इस आगजनी की घटना में एक बच्ची की मौत हो गई है। फिलहाल आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।
ये खबर भी पढ़िए...Raipur में पटवारी पर भड़के मंत्री टंकराम, जानें क्या बोले मंत्री ?
ये खबर भी पढ़िए...CG Cabinet: छत्तीसगढ़ में बनेगा SIA, SP समेत 74 अफसर होंगे शामिल
ये खबर भी पढ़िए...काम में लापरवाही करने वाले श्रम निरीक्षक और उप निरीक्षक सस्पेंड
जांच में जुटी पुलिस
फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग पर काबू पाने में जुटे हुए हैं। हालांकि, छात्रावास में आग लगने की वजह का पता अभी तक नहीं चल पाया है। मौके पर पहुंची स्थानीय थाना की पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
ये खबर भी पढ़िए...CGPSC घोटाले की जांच करेगी CBI, सिलेक्शन List में भाई-भतीजावाद का आरोप
पोटा केबिन आवासीय स्कूल व्यवस्था है। इसे साल 2011 में तत्कालीन छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे शुरू किया था। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में पोटा केबिन आवासीय विद्यालय बनाए गए हैं। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में नक्सलियों ने कई स्कूलों को ध्वस्त कर दिया या आगजनी कर नष्ट कर दिया। इनमें कई ऐसे स्कूल है जिन्हें दोबारा नहीं बनाया गया। ऐसे क्षेत्रों में पोटा केबिन स्कूलों का निर्माण किया गया। यहां नक्सल क्षेत्रों के बच्चों को आवासीय स्कूलों की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।ये पूरी तरह से मोबाइल स्कूल है।
पूरा मामला बीजापुर जिले के आवापल्ली ब्लॉक का है। यहां पर स्थित चिंताकोन्टा कन्या पोटा केबिन (आवासीय छात्रावास) में बीती रात भीषण आग लग गई। जिसकी वजह से अफरा- तफरी मच गई । पोटा केबिन में सो रहे 350 से ज्यादा बच्चियों का रेस्क्यू करके उन्हें सुरक्षित बचाया गया। लेकिन आग ने लिप्सा नाम की छात्रा को अपने चपेट में ले लिया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। आग इतनी भीषण थी कि उसकी चपेट में आकर पूरा पोटा केबिन जलकर राख हो गया। आग लगने के बाद पूरे पोटा केबिन में अफरा- तफरी का माहौल बन गया। आग रात लगभग 3 बजे के करीब लगी थी। आग लगने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और फायर बिग्रेड की टीम को दी गई। सूचना के बाद पहुंची फायर बिग्रेड की टीम आग पर काबू पाने के काम करने लगी। तब तक आग पूरे केबिन में फैल गई थी। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि आग शॅार्ट सर्किट की वजह से लगी थी।