पूर्व महापौर एजाज ढेबर हो सकते हैं गिरफ्तार, शराब घोटाले में पेशी आज
Former mayor Ejaz Dhebar accused in liquor scam : छत्तीसगढ़ के चर्चित दो हजार करोड़ के शराब घोटाले में पूर्व महापौर एजाज ढेबर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शराब घोटाले मामले में ईओडब्ल्यू ( EOW ) ने एजाज ढेबर और उनके परिजनों को नोटिस दिया है। आज यानी 12 फरवरी 2025 को EOW कोर्ट में एजाज ढेबर की पेशी हो सकती है।
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2000 करोड़ का घोटाला
जानकारी के अनुसार जनवरी 2024 में ED ने ईओडब्ल्यू-एसीबी में एफआईआर दर्ज कराई थी। ED ने कहा था कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर के अवैध सिंडिकेट के जरिए दो हजार करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले को अंजाम दिया है।
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जमीन खोदकर निकाले थे डुप्लीकेट होलोग्राम
ईओडब्ल्यू-एसीबी ने जांच शुरू करते हुए डुप्लीकेट होलोग्राम का खुलासा किया था। उस समय अनवर ढेबर की जमीन खोदकर बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट होलोग्राम निकाले गए थे। अब ढेबर परिवार से पूर्व महापौर एजाज ढेबर और उनके करीबी रिश्तेदारों से ईओडब्ल्यू पूछताछ कर सकती है।
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आबकारी मंत्री रहे लखमा जेल में
उल्लेखनीय है कि हाल ही में शराब घोटाला मामले की जांच कर रही ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया था। कवासी लखमा फिलहाल जेल में है। ED ने अपने बयान में यह कहा था कि लखमा को हर महीने घोटाले क दो करोड़ रुपए कमीशन दिया जाता था।
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FAQ
- छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में एजाज ढेबर को क्यों नोटिस दिया गया है ?
छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू ने पूर्व महापौर एजाज ढेबर और उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस दिया है, क्योंकि इस मामले में उनका नाम जुड़ा हुआ है। ईओडब्ल्यू एजाज ढेबर और उनके परिजनों से पूछताछ कर सकती है। - शराब घोटाले में किसने एफआईआर दर्ज कराई थी और उसमें किन लोगों का नाम था ?
शराब घोटाले में जनवरी 2024 में ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल के दौरान पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी, और कारोबारी अनवर ढेबर का नाम था। - शराब घोटाले में हाल ही में किसे गिरफ्तार किया गया था और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया ?
शराब घोटाले की जांच कर रही ED ने हाल ही में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। ED के अनुसार, लखमा को हर महीने घोटाले के लिए दो करोड़ रुपए कमीशन दिया जाता था, जिसके आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया।