गरियाबंद में बाढ़ से किसानों को बड़ा नुकसान,लाखों की फसल बर्बाद,सरकार से मुआवजे की मांग

Harrison Masih | Sept 29, 2025, 11:40 IST
gariband-barhi-river-flood-crop-damage-2025 the sootr
गरियाबंद में बरही नदी की बाढ़ ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अमाड़ गांव से लेकर देवभोग तक 100 एकड़ से ज्यादा फसलें डूब गईं। इस तबाही के कारण लाखों की मक्का फसलें बर्बाद हो गई है।

Gariaband Flood Crop Destroyed: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मानसून की विदाई के बावजूद पिछले चार दिनों से हो रही तेज बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं। बरही नदी में आई बाढ़ ने अमाड़ गांव के 9 से ज्यादा किसानों की 15 एकड़ में लगी मक्का और धान की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया, जिससे लगभग 6 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इन किसानों पर 2 लाख रुपए से ज्यादा का साहूकारी कर्ज भी है, जिसे चुकाने की चिंता अब उन्हें सताने लगी है।



ये खबर भी पढ़ें... बलरामपुर बांध टूटने से बड़ा हादसा: एक ही परिवार के 5 की मौत,दो लापता,गांव में भारी तबाही



अमाड़ गांव में 9 किसानों का सपना टूटा

अमाड़ गांव के मोहन बीसी, शत्रुघ्न नागेश, तुलसी नागेश, गणेश पौंड, पुस्तम, लक्ष्मण, नरेश और विनोद समेत कई छोटे किसान कछार जमीन पर मक्का की खेती कर रहे थे। किसानों ने 2 से 5 फीसदी ब्याज दर पर साहूकारों से कर्ज लेकर खेती की थी। अक्टूबर तक तुड़ाई करने की योजना थी, लेकिन नदी के तेज बहाव में सभी पौधे गिर गए और पूरी फसल चौपट हो गई। किसानों का कहना है कि वे दूध भरे मक्के को कच्चा बेचकर पूंजी निकालने की कोशिश करेंगे, लेकिन इससे मूलधन भी नहीं निकल पाएगा।



ये खबर भी पढ़ें... कोरबा बांगो डैम के 8 गेट खोले गए, 32 गांवों में अलर्ट, बलरामपुर में बांध टूटने से 5 मौतें



देवभोग में 100 एकड़ फसल बर्बाद

देवभोग और अमलीपदर तहसील के नदी-नाले किनारे की 100 एकड़ से ज्यादा जमीन पर लगी मक्का, धान और सब्जियों की फसलें बाढ़ की चपेट में आ गईं। इससे लगभग 40 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। किसान इसे प्राकृतिक आपदा घोषित कर उचित मुआवजे और फसल क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं।



पुल बना किसानों की मुसीबत

किसानों का कहना है कि बर्बादी की एक बड़ी वजह ओडिशा सरकार द्वारा नवरंगपुर जिले के चंदहांडी ब्लॉक को जोड़ने के लिए बनाया गया 30 मीटर का बॉक्स कल्वर्ट पुल भी है। यह पुल छत्तीसगढ़ की जमीन पर बनाया गया था। किसानों ने शुरुआत से ही इसका विरोध किया था क्योंकि बाढ़ का पानी निकलने में रुकावट आती है। अब हर बार बाढ़ आने पर किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।



ये खबर भी पढ़ें... बस्तर में बाढ़ ने मचाई तबाही... अंधेरे में डूबे 147 गांव,बिजली कंपनी को लाखों का नुकसान



प्रशासन की तैयारी

देवभोग तहसीलदार अजय कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि लगातार बारिश से फसल और मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिल रही है। इसके लिए पटवारी टीम गठित कर नुकसान का आकलन कराया जाएगा और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।



गरियाबंद में बाढ़ से भारी नुकसान:

  1. अमाड़ गांव की बर्बादी – बरही नदी में बाढ़ से अमाड़ गांव के 9 किसानों की 15 एकड़ फसल चौपट, करीब 6 लाख रुपए का नुकसान।
  2. साहूकारी कर्ज का बोझ – किसानों पर 2 लाख से ज्यादा का निजी कर्ज, फसल डूबने से चुकाने की चिंता गहराई।
  3. देवभोग-अमलीपदर प्रभावित – 100 एकड़ से ज्यादा रकबे में मक्का, धान व सब्जी की खेती नष्ट, 40 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान।
  4. पुल बना आफत का कारण – ओडिशा-छत्तीसगढ़ जोड़ने वाले पुल की वजह से बाढ़ का पानी अटक रहा, किसानों को हर बार भारी हानि।
  5. मुआवजे की मांग – पीड़ित किसानों ने फसल क्षतिपूर्ति और प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग प्रशासन से की।

ये खबर भी पढ़ें... बस्तर में बाढ़ का कहर: नेशनल हाइवे बंद,गांवों में घुसा पानी,बीजेपी कार्यालय और मंदिर भी डूबे



बाढ़ का खतरा और लापरवाही

बाढ़ की वजह से त्रिवेणी संगम लबालब हो गया है, फिर भी लोग जान जोखिम में डालकर सेल्फी और वीडियो बना रहे हैं। वहीं देवभोग मुख्यालय तक पहुंचने वाले इकलौते मार्ग पर बेलाट नाले का जलस्तर इतना बढ़ गया कि पिछले तीन दिनों में कई हादसे हो चुके हैं। सुरक्षा इंतजाम नदारद हैं और लोग खुद जोखिम उठाकर रास्ता पार कर रहे हैं।



कुल मिलाकर, बरही नदी और लगातार बारिश ने गरियाबंद व देवभोग के किसानों की जिंदगी संकट में डाल दी है। अब किसानों की नजर सरकार की राहत और मुआवजे पर टिकी हुई है।



Tags:
  • गरियाबंद में बाढ़
  • बरही नदी में बाढ़
  • 100 एकड़ फसल बर्बाद
  • Gariaband Flood Crop Destroyed