बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी की बीए-एलएलबी परीक्षा रद्द, 27 से दोबारा एग्जाम

Harrison Masih | Jul 22, 2026, 19:51 IST
बीए-एलएलबी की परीक्षा रद्द 2026
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी है। अब परीक्षा 27 जुलाई से दोबारा आयोजित होगी। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में सामने आया कि लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए प्रश्नपत्र लीक किए गए।

समझें क्या है पूरा मामला

बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक मामला सामने आया था। इसके बाद बीए-एलएलबी छठवें सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा रद्द कर दी गई। यह परीक्षा 27 जुलाई से दोबारा कराई जाएगी। जांच में सामने आया कि पेपर लॉगिन आईडी के जरिए लीक हुआ था। छात्रों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।



छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU - Guru Ghasidas University) का पेपर लीक मामला काफी समय से चर्चा में है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।



यह परीक्षा 7 मई से 28 मई के बीच आयोजित हुई थी। अपरिहार्य कारणों का हवाला देकर अब इसे निरस्त कर दिया गया है। नई समय-सारिणी के अनुसार परीक्षा 27 जुलाई से होगी।



दो महीने पहले हुआ था खुलासा

सूत्रों ने सबसे पहले यूनिवर्सिटी के पोर्टल हैक और पेपर लीक की आशंका का खुलासा किया था। यह खुलासा करीब दो महीने पहले हुआ था।



खबर सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई। इस पांच सदस्यीय कमेटी ने 6 जून को अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी थी।



छात्रों ने जताया विरोध

री-एग्जाम की सूचना मिलते ही लॉ विभाग के छात्र-छात्राओं ने इस फैसले का विरोध किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।



छात्रों की मांग है कि जिस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द की गई है, उसे सार्वजनिक किया जाए। साथ ही पुनर्परीक्षा की अधिसूचना वापस लेने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है। रजिस्ट्रार प्रो. अश्वनी दीक्षित और अन्य अधिकारियों ने छात्रों को समझाइश दी।



डेढ़ महीने तक दबी रही रिपोर्ट

जांच कमेटी ने रिपोर्ट 6 जून को ही सौंप दी थी। इसके बावजूद करीब डेढ़ महीने तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।



कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल को कार्यकाल विस्तार मिलने के बाद मंगलवार को अचानक परीक्षा रद्द करने का आदेश जारी हुआ। छात्र इस देरी पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि आखिर कार्रवाई में इतना समय क्यों लगा।



पोर्टल हैक नहीं, लॉगिन आईडी से लीक हुआ पेपर

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में सामने आया कि समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था। इसके बजाय लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए प्रश्नपत्र और अन्य डेटा लीक किया गया।



कमेटी ने मामले की पुलिस जांच कराने की भी सिफारिश की है। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने एक अलग विभागीय जांच समिति भी बनाई है। इसमें प्रो. एससी श्रीवास्तव, प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, ओएसडी (OSD - Officer on Special Duty) प्रो. भारती अहिरवार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार टी.पी. सिंह शामिल हैं।



पहले ही हटाए जा चुके हैं डीन और एचओडी

पेपर लीक मामले में सवाल उठने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही कदम उठाया था। लॉ विभाग के तत्कालीन एचओडी (HOD - Head of Department) और डीन प्रो. सुधांशु रंजन मोहापात्रा को पद से हटाया जा चुका है।



उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रो. प्रवीण मिश्रा को लॉ विभाग का नया एचओडी और डीन बनाया गया है। छात्रों ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष तक भी पहुंचाई थी।



अब आगे क्या होगा

यूनिवर्सिटी (GGU University) ने साफ किया है कि दोबारा परीक्षा 27 जुलाई से आयोजित होगी। कमेटी की सिफारिश के बाद इस मामले में पुलिस जांच होने की भी संभावना जताई जा रही है।



छात्रों की मांग है कि जांच रिपोर्ट पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक की जाए। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि विश्वविद्यालय दोषियों पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।



ये खबरें भी पढ़ें...

नीट पेपर लीक में CBI का खुलासा, 5 लाख में बिका था पेपर, फोन से मिले 132 हैंडराइटन सवाल



पेपर लीक के मास्टरमाइंड पर खान विभाग का एक्शन, बजरी लीज होगी निरस्त



गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में नॉन-टीचिंग भर्ती घोटाला, परिवारवाद और सत्ता का खेल या महज संयोग?



बिलासपुर के GGU में छात्र की मौत पर बवाल: प्रदर्शनकारी गेट पर चढ़े, पुलिस-NSUI कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की



Tags:
  • बिलासपुर
  • पेपर लीक
  • परीक्षा रद्द
  • गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी
  • गुरु घासीदास विश्वविद्यालय
  • GGU University