बिलासपुर के GGU में छात्र की मौत पर बवाल: प्रदर्शनकारी गेट पर चढ़े, पुलिस-NSUI कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की

Sanjay Dhiman | Nov 17, 2025, 18:27 IST
Share
hangama in GGU campus
Photograph: (the sootr)

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी में छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध मौत हो गई। इसे लेकर NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गेट पर झड़प हुई।

BILASPUR. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) एक बड़े विवाद का केंद्र बन गया है। यहां एक छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है।

मंगलवार के दिन,NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने यूनिवर्सिटी गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह पूरा हंगामा छात्र की मौत और विश्वविद्यालय परिसर में चल रही अनियमितताओं को लेकर था।

तनावपूर्ण हालात: जब यूनिवर्सिटी गेट पर रोकी गई भीड़

पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के तेवर को भांपते हुए पहले से ही तैयारी कर रखी थी। यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट (GGU Main Gate) पर सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। वहां मजबूत बैरिकेडिंग भी लगा दी गई थी ताकि कोई भी प्रदर्शनकारी अंदर प्रवेश न कर सके।

NSUI के नेता तनमीत छाबड़ा की अगुवाई में छात्रों और कार्यकर्ताओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई। देखते ही देखते यह भीड़ एक विशाल प्रदर्शन में बदल गई और छात्र गेट पर नारेबाजी करने लगे।

यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ में बिजली दर को लेकर कांग्रेस करेगी बड़ा प्रदर्शन, सरकार को दिया 30 नवंबर का अल्टीमेटम

20 नवंबर को छत्तीसगढ़ आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस पर होंगी शामिल

GGU विश्वविद्यालय गेट पर छात्रों के प्रदर्शन को ऐसे समझें



संदिग्ध मौत का मामला: छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) में छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध मौत के खिलाफ NSUI कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन ।

पुलिस से झड़प: पुलिस की बैरिकेडिंग गेट पर थी, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने गेट पर चढ़कर नारेबाजी की और पुलिस से धक्का-मुक्की की।

न्याय की मांग: छात्रों का आरोप है कि प्रशासन अर्सलान अंसारी की मौत की जांच पारदर्शिता से नहीं कर रहा है और उन्होंने न्याय की मांग की।

तनावपूर्ण स्थिति: प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीव्र झड़पें हुईं, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में तनाव बढ़ गया।

प्रदर्शनकारियों की नेतृत्व: NSUI नेता तनमीत छाबड़ा की अगुवाई में छात्र और कार्यकर्ता प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में सीधी भिड़ंत

प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गेट पर रोकने की काफी कोशिश की। छात्र और NSUI कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं थे। माहौल तब एकदम से तनावपूर्ण हो गया, जब कुछ प्रदर्शनकारी छात्र और NSUI कार्यकर्ता अचानक यूनिवर्सिटी के गेट पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारी गेट पर चढ़कर यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ जिम्मेदार कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

इसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तीखी झड़प शुरू हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी खींचतान और नोकझोंक देखने को मिली। कैंपस के बाहर का माहौल पूरी तरह से गरमा गया था। प्रदर्शनकारी लगातार "न्याय दो, जवाब दो!" के नारे लगा रहे थे।

छात्र अंसारी की मौत की उठाई मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों और NSUI नेताओं का एक ही प्रमुख आरोप है। उनका कहना है कि छात्र अर्सलान अंसारी की मौत जिन परिस्थितियों में हुई है, वे बहुत ही संदिग्ध हैं।

छात्रों ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है। साथ ही इसकी जांच भी नहीं करवा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि छात्र की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में एम्स के स्टूडेंट को नहीं मिलेगा रिजर्वेशन, स्टेट कोटे से राज्य के छात्रों को प्राथमिकता

छत्तीसगढ़ में अवैध परिवहन की जा रही 19 हजार 320 क्विंटल धान जब्त, मार्कफेड ने जारी किए आंकड़े

प्रदर्शन के बाद का माहौल

प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए, लेकिन छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। छात्रों ने लगातार यह दावा किया कि अर्सलान अंसारी की मौत केवल एक हादसा नहीं है। इसके लिए प्रशासन की लापरवाही भी जिम्मेदार है।

Tags:
  • बिलासपुर
  • NSUI
  • गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी
  • NSUI कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
  • छात्र अर्सलान अंसारी की मौत
  • पुलिस की बैरिकेडिंग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा