छत्तीसगढ़ के 86 और राज्य के बाहर 66 हॉस्पिटल्स में इलाज करा सकेंगे अधिकारी-कर्मचारी, आदेश जारी

VINAY VERMA | May 13, 2026, 16:04 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश और राज्य के बाहर स्थित 86 निजी अस्पतालों और 66 बाहरी अस्पतालों की मान्यता अवधि बढ़ा दी है।

Raipur. छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को बड़ी राहत दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश और राज्य के बाहर स्थित निजी अस्पतालों की मान्यता अवधि बढ़ाते हुए नया आदेश जारी किया है। अब सरकारी सेवक 86 निजी अस्पतालों और राज्य के बाहर 66 अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। यह मान्यता 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी।



मान्यता प्राप्त अस्पतालों में सुविधाएं

चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मान्यता प्राप्त अस्पतालों में सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को विभिन्न गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा मिलेगी। इसमें जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, कैंसर उपचार, कार्डियोलॉजी, डेंटल और स्त्री रोग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।



राज्य और राज्य के बाहर के अस्पताल

राज्य के जिन अस्पतालों को सूची में शामिल किया गया है, उनमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अन्य शहरों के बड़े निजी अस्पताल शामिल हैं। वहीं राज्य के बाहर हैदराबाद, मुंबई, नागपुर, चेन्नई समेत कई बड़े मेडिकल संस्थानों को भी मान्यता दी गई है। सरकार का दावा है कि इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों को बेहतर इलाज का विकल्प मिलेगा।





राज्य के भीतर इलाज की प्रक्रिया

आदेश के मुताबिक, राज्य के भीतर इलाज कराने के मामलों में संबंधित जिले के सिविल सर्जन की अनुशंसा जरूरी होगी। वहीं आकस्मिक परिस्थितियों में इलाज कराने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके लिए सात दिनों के भीतर विभागीय नियंत्रण अधिकारी को सूचना देना अनिवार्य होगा।



राज्य के बाहर इलाज की प्रक्रिया

राज्य के बाहर स्थित अस्पतालों में इलाज कराने के लिए प्रक्रिया और भी सख्त रखी गई है। मरीज को पहले मेडिकल कॉलेज की रेफर कमेटी से प्रमाणन लेना होगा। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित बीमारी का इलाज राज्य में उपलब्ध नहीं है या आवश्यक विशेषज्ञ सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि आपातकालीन स्थिति में बाहर इलाज कराने की छूट दी गई है, लेकिन वहां भी सात दिन के भीतर विभाग को सूचना देना जरूरी होगा।



सीजीएचएस दरों पर इलाज

सरकार ने आदेश में यह भी साफ किया है कि मान्यता प्राप्त अस्पतालों में इलाज CGHS योजना के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए तय दरों पर ही होगा। यानी निजी अस्पताल मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे।



अग्रिम राशि के बिना इलाज

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आदेश में अस्पतालों को यह निर्देश भी दिया गया है कि सरकारी कर्मचारियों या उनके परिवार के सदस्यों का इलाज अग्रिम राशि के अभाव में नहीं रोका जाएगा। यानी इमरजेंसी या गंभीर बीमारी की स्थिति में पहले उपचार होगा, भुगतान की प्रक्रिया बाद में पूरी की जाएगी।



कर्मचारियों के लिए राहत

सरकार के इस फैसले को सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, खासकर उन कर्मचारियों के लिए जिन्हें गंभीर बीमारी की स्थिति में राज्य से बाहर इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी।



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