CG GST scam : 317 करोड़ का घोटाला, गुटखा किंग जुमनानी की 12 संपत्तियां होंगी कुर्क
छत्तीसगढ़ राज्य वस्तु एवं सेवा कर (State GST) विभाग ने प्रदेश के बड़े व्यापारिक घोटालों में से एक पर कार्रवाई करते हुए दुर्ग के कुख्यात गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी के खिलाफ 317 करोड़ रुपए की टैक्स और पेनल्टी की वसूली का अंतिम आदेश जारी किया है। राज्य कर विभाग के जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी कारोबारी को इस भारी-भरकम राशि को आदेश जारी होने की तिथि से 90 दिनों के भीतर सरकारी खजाने में जमा करना होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा न करने की स्थिति में विभाग द्वारा चिन्हित की गई 12 अचल संपत्तियों की नीलामी और कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह पूरा मामला प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखा 'सितार' के अवैध उत्पादन, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्किंग और बड़े पैमाने पर किए गए टैक्स चोरी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। स्टेट जीएसटी विभाग (CG GST Scam) की पांच वर्षों की विस्तृत टैक्स गणना और वित्तीय समीक्षा के आधार पर यह जुर्माना तय किया गया है।
पांच वर्षों की जांच और टैक्स गणना का आधार
जीएसटी विभाग के विशेष जांच दल ने दस्तावेजों, बेनामी बैंक खातों और जब्त कच्चे माल का तकनीकी विश्लेषण कर पांच वर्षों (अप्रैल 2021 से) के अवैध कारोबार का आकलन तैयार किया है।
उत्पादन एवं बिक्री दर: जांच में यह साबित हुआ कि फैक्ट्रियों में रोजाना लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का अवैध गुटखा तैयार कर बाजार में खपाया जा रहा था।
टैक्स की दर में अंतर: कारोबारी कागजों में केवल मीठी सुपारी और अरेका नट (Areca Nut) की बिक्री दर्शा रहा था, जिस पर 5% जीएसटी लागू होता है। हालांकि, वास्तविक रूप से वहां तंबाकू युक्त गुटखा बनाया जा रहा था, जिस पर 28% जीएसटी (GST) के साथ 204% तक का कंपनसेशन सेस (Compensation Cess) देय होता है।
पांच साल का ब्योरा: 5 वर्षों की लगातार मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन की गणना करते हुए कुल बकाया टैक्स, ब्याज और 100% पेनल्टी मिलाकर 317 करोड़ रुपये का निर्धारण किया गया है।
लोकेशन बदलकर चल रहा था साम्राज्य
जीएसटी अधिकारियों की जांच रिपोर्ट से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि कर चोरी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी गुरमुख जुमनानी हर कुछ महीनों में अपनी फैक्ट्रियों का स्थान बदल देता था।
विभाग ने जब जुलाई 2025 में दुर्ग के जोरातरई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों पर छापेमारी की, तो पता चला कि वहां केवल अंतिम स्तर की पैकिंग की जा रही थी। इसके बाद टीम ने आरोपी के बेटे सागर जुमनानी के नाम पर पंजीकृत 'कोमल फूड्स' (राजनांदगांव) के वेयरहाउस पर छापा मारा, जहां से कच्चे माल और गुटखा बनाने के फॉर्मूले का भंडाफोड़ हुआ।
छिंदवाड़ा से बुलाया गया था मास्टर शेफ
इस संगठित नेटवर्क को चलाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई गई थी:
स्पेशल फॉर्मूला एक्सपर्ट: सितार गुटखे का विशिष्ट स्वाद और फॉर्मूला तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक विशेषज्ञ कर्मचारी को विशेष तौर पर बुलाया गया था।
अदालत में चालान प्रस्तुत: जीएसटी विभाग ने आरोपी के खिलाफ सक्षम अदालत में धारा 69 एवं संबंधित धाराओं के तहत चालान (Challan) पेश कर दिया है।
सरकारी गवाह (Approvers): इस मामले को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए कारोबारी के तीन मुख्य कर्मचारियों को धारा 132/अदालती प्रक्रियाओं के तहत 'सरकारी गवाह' बनाया गया है।
सख्त शपथ पत्र (Affidavit): विभाग ने इन तीनों कर्मचारियों से विधिवत एफिडेविट (Affidavit) लिया है। यदि वे भविष्य में कोर्ट में अपने बयानों से मुकरते हैं (Hostile Witnesses), तो उनके खिलाफ भी आपराधिक षड्यंत्र और कूटरचित साक्ष्य देने की धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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