फर्जी अंकसूची से नौकरी पाने वाले GST विभाग के दो कर्मचारी बर्खास्त
Umeshwari Baghel | Jul 07, 2026, 16:32 IST
GST विभाग के दो कर्मचारी बर्खास्त
छत्तीसगढ़ GST विभाग ने फर्जी अंकसूची के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। किशोर पटेल और भागवत पटेल पर 2013 की भृत्य भर्ती में फर्जी कक्षा आठवीं की अंकसूची लगाने का आरोप था।
समझें क्या है पूरा मामला
जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने किशोर पटेल और भागवत पटेल की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। दोनों कर्मचारी वर्ष 2013 में हुई भृत्य भर्ती के दौरान कथित तौर पर फर्जी कक्षा आठवीं की अंकसूची के आधार पर चयनित हुए थे। बाद में पदोन्नति मिलने के बाद दोनों सहायक ग्रेड-3 के पद तक पहुंच गए थे।
2013 की भर्ती में सामने आया था मामला
इन अंकों के आधार पर दोनों का चयन मेरिट सूची में हुआ और उन्हें सरकारी सेवा में नियुक्ति मिल गई। नौकरी में आने के बाद दोनों कर्मचारियों को पदोन्नति भी मिली और वे सहायक ग्रेड-3 जैसे पदों पर कार्य करने लगे।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
शिकायत के साथ संबंधित स्कूल के रिकॉर्ड और परीक्षा परिणाम पंजी भी प्रस्तुत किए गए। इसके बाद विभाग ने दस्तावेजों की जांच शुरू कराई।
RTI दस्तावेजों में सामने आई गड़बड़ी
मामले में तत्कालीन शिक्षा अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया गया कि दस्तावेजों के सत्यापन में लापरवाही बरती गई और गलत प्रमाणपत्रों को सही बताया गया।
पहले सत्यापन में सही बताई गई थीं अंकसूचियां
बाद में विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के दौरान यह मामला उठा। इसके बाद विभाग ने दोबारा जांच कराई और दस्तावेजों की वास्तविकता पर सवाल खड़े हुए।
पदोन्नति के बाद भी जारी रही सेवा
अब जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विभाग ने नियुक्ति को गलत मानते हुए दोनों कर्मचारियों को सेवा से हटाने का फैसला लिया है।
शिक्षा अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि केवल कर्मचारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। जिन लोगों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों को सत्यापित किया, उनकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
आपराधिक कार्रवाई की मांग
फिलहाल जीएसटी विभाग ने दोनों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है, लेकिन फर्जी अंकसूची तैयार करने और सत्यापन प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
महत्वपूर्ण तथ्य
किशोर पटेल और भागवत पटेल पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने का आरोप था।
दोनों की नियुक्ति 2013 की भृत्य भर्ती में हुई थी।
आरोप है कि उन्होंने कक्षा आठवीं की फर्जी अंकसूची प्रस्तुत की थी।
अंकसूची में 96% से अधिक अंक दर्ज थे, जिसके आधार पर चयन हुआ।
बाद में दोनों कर्मचारी पदोन्नति पाकर सहायक ग्रेड-3 बने।
शिकायत के बाद दस्तावेजों की जांच में अनियमितताएं सामने आईं।
विधानसभा में मामला उठने के बाद विभाग ने कार्रवाई की।
FAQ
- GST विभाग ने किन कर्मचारियों को बर्खास्त किया है?
GST विभाग ने किशोर पटेल और भागवत पटेल को फर्जी अंकसूची के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया है। - दोनों कर्मचारियों पर क्या आरोप था?
आरोप था कि वर्ष 2013 की भृत्य भर्ती में दोनों ने कक्षा आठवीं की कथित फर्जी अंकसूली प्रस्तुत कर सरकारी नौकरी हासिल की थी। बाद में वे पदोन्नति पाकर सहायक ग्रेड-3 बन गए थे। - कार्रवाई की वजह क्या बनी?
शिकायत, RTI से मिले दस्तावेज और जांच प्रक्रिया के बाद अंकसूची की प्रमाणिकता पर सवाल उठे। इसके बाद GST विभाग ने दोनों कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का फैसला लिया।
यह खबरें भी पढ़े...
Madhya Pradesh में क्या सरकारी नौकरी नहीं करना चाहते युवा ? क्या है मामला ?
सहायक ग्रेड-3 भर्ती के चयनितों को नियुक्ति के लिए ऐसे खुलेगा रास्ता, 500 से ज्यादा युवा इंतजार में
मालवांचल में भी डीएड की फर्जी अंकसूची से शिक्षक बन बैठे 80 से ज्यादा मुन्नाभाई
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari