सीएस विकास शील एक बार गए यूएसए, रिचा शर्मा का 19 बार दुबई टूर, विदेश यात्रा के शौकीन IAS अफसर
News in Short :
- छत्तीसगढ़ के आईएएस अफसर विदेश के शौकीन
- 5 साल में 100 से अधिक विदेश यात्राएं
- पीएम मोदी ने की विदेश न जाने की अपील
- छत्तीसगढ़ सरकार ने लगाई विदेश यात्रा पर पाबंदी
News in Detail :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी संकट के हालातों को देखते हुए लोगों से फॉरेन ट्रिप पर न जाने की अपील की है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने भी अफसरों के विदेश दौरे पर पाबंदी लगा दी है। द सूत्र ने इस पर पड़ताल की तो पता चलता है कि छत्तीसगढ़ के आईएएस अफसर फॉरेन ट्रिप के बहुत शौकीन हैं।
पांच साल में इन अफसरों ने 100 से ज्यादा फॉरेन ट्रिप की हैँ। हालांकि ये यात्राएं निजी और राज्य सरकार से अनुमति लेकर की गई हैं। राज्य के आईएएस अधिकारियों की विदेश यात्राओं के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चलता है कि वर्ष 2015 से 2019 के बीच 90 से अधिक अधिकारियों ने 100 से ज्यादा निजी विदेशी यात्राएं कीं।हालांकि इनमें से कुछ अब रिटायर हो चुके हैं। इनमें सबसे लोकप्रिय डेस्टीनेशन दुबई, अमेरिका, सिंगापुर, थाईलैंड और यूरोपीय देश रहे।
फॉरेन ट्रिप के शौकीन अफसर :
छत्तीसगढ़ के आईएएस अफसर फॉरेन ट्रिप के बहुत शौकीन हैं। अफसरों के यह सरकारी दौरे नहीं, बल्कि निजी अवकाश, पारिवारिक पर्यटन, धार्मिक और व्यक्तिगत कारणों से की गई विदेश यात्राएं थीं। जिनके लिए अधिकारियों ने नियमानुसार सरकार से अनुमति ली थी।
आंकड़े यह बताते हैं कि राज्य के वरिष्ठ अफसरों में विदेश घूमने का शौक कम नहीं है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 2015 में 17, 2016 में 11, 2017 में 23, 2018 में 23 और 2019 में 20 आईएएस अधिकारियों ने विदेश यात्रा की अनुमति ली थी। कई अधिकारियों ने एक ही साल में एक से अधिक बार विदेश दौरे किए।
सीएस ने एक, रिचा शर्मा की 24 यात्राएं :
आईएएस अफसरों की विदेश यात्राओं में कुछ दिलचस्प बातें सामने आई हैं। द सूत्र ने साल 2015 से 2019 तक की विदेश यात्राओं की पड़ताल की है। इसके बाद कोरोना काल आ गया था तो विदेश जाने पर पाबंदी लग गई थी।
मुख्य सचिव विकास शील ने इस दौरान सिर्फ एक बार यूएसए की यात्रा की है। हालांकि तब वे मुख्य सचिव नहीं थे और फिर डेप्यूटेशन पर भी चले गए थे। सबसे रोचक बात ये है कि आईएएस रिचा शर्मा ने पांच साल में 23 विदेश यात्राएं की हैं। इनमें वे 19 बार दुबई और चार बार यूएई की यात्रा पर गईं। हालांकि दुबई भी यूएई के शहरों में ही आता है।
अफसरों के यूरोप के देशों में फ्रांस, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया और हंगरी प्रमुख रहे। कई अधिकारियों ने एक ही यात्रा में कई देशों का भ्रमण किया। अधिकारियों की रुचि थाइलैंड,पटाया में भी रही है।
साल 2015 में फॉरेन ट्रिप पर गए अफसर :
विकासशील - यूएसए
निधि छिब्बर - यूएसए
भूरे सर्वेश्वर नरेंद्र - थाईलैंड
परदेशी सिद्धार्थ कोमल - डेनमार्क
रजत बंसल - यूएसए
मुकेश कुमार - चीन
एलेक्स पॉल मेनन - जापान
रजत कुमार - जिनेवा एवं फ्रांस
रिचा शर्मा - 2 बार दुबई
अमित कटारिया - यूएसए
अजय सिंह - मालदीव
साल 2016 में फॉरेन ट्रिप पर गए अफसर :
राजेश सुकुमार टोप्पो - मकाउ, हांगकांग, बाली,सिंगापुर
प्रसन्ना आर - नीदरलैंड
रिचा शर्मा - 8 बार दुबई
सोनमणि बोरा - सिंगापुर
सारांश मित्तर - रुस
मो.कैसर अब्दुल हक - नार्वे
शम्मी आबिदी - यूएसए
अमित कटारिया - नार्वे,टर्की
2017 में फॉरेन ट्रिप पर गए अफसर :
पुष्पेंद्र मीणा - फ्रांस स्विटजरलैंड
रिचा शर्मा - 7 बार दुबई
रीना बाबासाहेब कंगाले - टोरंटो
अंकित आनंद - यूएसए,यूके
अविनाश चंपावत - इटली
आर शंगीता - यूएसए
सुब्रत साहू - चैक गणराज्य
सोनमणि बोरा - मलेशिया,सिंगापुर
गणेश शंकर मिश्रा - रुस
अमिताभ जैन - नार्वे, स्वीडन
अजय सिंह - ग्रीस
धर्मेश कुमार साहू - थाइलैंड, मलेशिया
एलेक्स पॉल मेनन - यूएसए
शम्मी आबिदी - यूएसए
कमलप्रीत सिंह - नीदरलैंड
एस प्रकाश - नेपाल
रजत बंसल - नीरदलैंड, फ्रांस
राहुल देव - न्यूजीलैंड, फिजी
सारांश मित्तर - न्यूजीलैंड
2018 में फॉरेन ट्रिप पर गए अफसर :
आईएएस रिचा शर्मा - दो बार दुबई, 3 बार यूएएई
जयप्रकाश मौर्य - श्रीलंका
शिखा राजपूत तिवारी - फ्रांस
प्रसन्ना आर - सिंगापुर
अन्बलगन पी - दुबई
अलरमेलमंगई डी - दुबई
नीलेश कुमार महादेव - सिंगापुर
हेमंत कुमार पहारे - मास्को,रुस
नितिन गौर - सिंगापुर
निहारिका बारिक - यूएसए
प्रभात मलिक - यूके
धर्मेश कुमार साहू - मलेशिया,सिंगापुर, थाइलैंड
सुब्रत साहू - कनाडा,यूएसए
विनय कुमार लंगेह - रुस
कमलप्रीत सिंह - इजरायल
भूरे सर्वेश्वर नरेंद्र - स्विटजरलैंड
जितेंद्र कुमार शुक्ला - थाइलैंड
नुपूर राशि पन्ना - थाइलैंड
रितुराज रघुवंशी - सेशेल्स
आर शंगीता - दो बार यूएसए
रीना बाबासाहेब कंगाले - यूके
अविनाश चंपावत - कनाडा
अंकित आनंद - वियतनाम,कंबोडिया
2019 में फॉरेन ट्रिप पर गए अफसर :
शम्मी आबिदी - यूएई
रिचा शर्मा - दो बार यूएई
सारांश मित्तर - ऑस्ट्रेलिया
कमलप्रीत सिंह - श्रीलंका
आईएएस पुष्पा साहू - यूएई,थाइलैंड
रीना बाबा साहेब कंगाले - ग्लासगो,यूके
मनोज कुमार पिंगुआ - चोकोस्लोवाकिया,ऑस्ट्रिया,हंगरी
प्रसन्ना आर - टर्की
एलेक्स पॉल मेनन - टर्की
सुब्रत साहू - चीन
संगीता पी - यूएई
नुपूर राशि पन्ना - थाईलैंड,वियतनाम
जन्मेजय महोबे - सिंगापुर
कुंदन कुमार - बेल्जियम,फ्रांस
अंकित आनंद - इंडोनेशिया
सीआर प्रसन्ना - यूएसए
विनय कुमार लंगेह - भूटान
पी दयानंद - काठमांडू
नियम क्या कहते हैं :
अखिल भारतीय सेवा नियमों के तहत किसी भी आईएएस अधिकारी को निजी विदेश यात्रा से पहले राज्य सरकार से अनुमति लेनी होती है। यात्रा की अवधि, उद्देश्य और गंतव्य की जानकारी भी देनी पड़ती है। इसलिए इन यात्राओं को नियम विरुद्ध नहीं माना जा सकता।
निष्कर्ष :
हालांकि फॉरेन ट्रिप करना किसी अधिकारी का निजी अधिकार है, लेकिन यह आंकड़े यह भी बताते हैं कि प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी वैश्विक पर्यटन के प्रति काफी आकर्षित रहे हैं। ऐसे समय में जब आम सरकारी कर्मचारी विदेश यात्रा को एक बड़ी उपलब्धि मानते हैं, राज्य के कई वरिष्ठ अफसरों के लिए यह लगभग नियमित गतिविधि जैसी नजर आती है।
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