इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी में एंटोमोलॉजी का पेपर रद्द, जांच के लिए कमेटी गठित

VINAY VERMA | Aug 20, 2026, 19:10 IST
इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी में एंटोमोलॉजी का पेपर रद्द
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एंटोमोलॉजी का प्रश्नपत्र लीक होने कीसे हड़कंप मच गया। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बीएससी द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल होने की खबर सामने आई। सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में गुरुवार को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी गई।



परीक्षा से पहले ही खुल गया राज

विश्वविद्यालय प्रशासन को सुबह करीब 8.50 बजे कवर्धा से पेपर लीक होने की सूचना मिली। उस समय परीक्षा शुरू होने में कुछ ही समय बचा था। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र के वायरल होने की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा रोकने की प्रक्रिया शुरू की। करीब दो घंटे की कवायद के बाद 10.30 बजे परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया गया।



अब जांच में खुलेगा पेपर का राज

विश्वविद्यालय ने मामले की तह तक जाने के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। कमेटी यह पता लगाएगी कि प्रश्नपत्र सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा, उसे परीक्षा से पहले किसने हासिल किया और लीक की कड़ी कहां से शुरू हुई। समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात विश्वविद्यालय प्रशासन ने कही है।



सेटिंग से छपाई तक जिम्मेदारी विवि की

इस पूरे मामले ने विश्वविद्यालय की प्रश्नपत्र व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जानकारी के मुताबिक प्रश्नपत्रों की सेटिंग और छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर ही होती है। इसके बाद प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं। ऐसे में जांच का सबसे अहम बिंदु यही रहेगा कि सुरक्षित माने जाने वाले प्रश्नपत्र की तस्वीर या कॉपी परीक्षा से पहले सोशल मीडिया तक कैसे पहुंची।



हजारों परीक्षार्थियों पर असर

परीक्षा रद्द होने का सीधा असर बीएससी द्वितीय वर्ष के परीक्षार्थियों पर पड़ा है। छात्रों को अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी। हालांकि विश्वविद्यालय ने कहा है कि नई तारीख जल्द तय की जाएगी और परीक्षार्थियों को इसकी सूचना समय पर दी जाएगी।



व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

पेपर लीक की पुष्टि या जिम्मेदार व्यक्ति का नाम फिलहाल सामने नहीं आया है, लेकिन परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने की सूचना ने पूरी परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसकी छपाई और कॉलेजों तक पहुंचाने की प्रक्रिया विश्वविद्यालय के स्तर पर होती है।



अब कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार

विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर तत्काल नुकसान को रोकने की कोशिश की है। लेकिन असली सवाल अब जांच पर टिक गया है। पांच सदस्यीय कमेटी अगर पेपर वायरल होने की पूरी कड़ी तक पहुंचती है, तभी साफ होगा कि यह सुरक्षा में चूक थी या जानबूझकर की गई सेंध। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय होगी।



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