IGKV में पेपर लीक के बाद बदला नियम, अब ईमेल से भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र

Umeshwari Baghel | Sept 06, 2026, 16:19 IST
पेपर लीक के बाद परीक्षा प्रणाली में बदलाव
IGKV पेपर लीक मामले के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था में बदलाव किया है। अब प्रश्नपत्र पासवर्ड प्रोटेक्टेड ई-मेल से भेजे जाएंगे। परीक्षा शुरू होने से पहले कमेटी की मौजूदगी में पासवर्ड से प्रश्नपत्र खोले जाएंगे।
  • पेपर लीक के बाद परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी
  • प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनाए रखने के लिए नया तरीका अपनाया गया
  • परीक्षा शुरू होने से पहले ही खुलेगा सुरक्षित प्रश्नपत्र
  • कॉलेजों को अब पासवर्ड वाले ई-मेल से मिलेंगे पेपर
  • IGKV ने लीक की घटना के बाद बदली पूरी प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। अब विश्वविद्यालय प्रश्नपत्र भेजने के पुराने तरीके को बदलने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत कॉलेजों को प्रश्नपत्र अब सीलबंद पैकेट में नहीं मिलेंगे, बल्कि पासवर्ड से सुरक्षित ई-मेल के जरिए भेजे जाएंगे।



विश्वविद्यालय प्रशासन ने फैसला लिया है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए कॉलेजों में एक विशेष कमेटी मौजूद रहेगी। प्रश्नपत्र खोलने की पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी।



पेपर लीक की घटना के बाद विश्वविद्यालय ने यह कदम परीक्षा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया है। प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था से प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने में मदद मिलेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सकेगा।



7, 8 और 9 सितंबर को होंगी स्थगित परीक्षाएं

IGKV में पेपर लीक के कारण जिन तीन विषयों की परीक्षाएं रद्द की गई थीं, उनका नया कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। अब ये परीक्षाएं 7, 8 और 9 सितंबर को आयोजित की जाएंगी।



विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन परीक्षाओं के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। कॉलेजों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन उसे खोलने के लिए पासवर्ड की जरूरत होगी।



पासवर्ड पहले से नहीं दिया जाएगा। परीक्षा शुरू होने के कुछ समय पहले ही कॉलेज प्रबंधन को इसे उपलब्ध कराया जाएगा। इससे परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र खुलने की संभावना को कम किया जा सकेगा।



कमेटी की निगरानी में खुलेगा प्रश्नपत्र

नई व्यवस्था में प्रश्नपत्र खोलने की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की अकेले नहीं होगी। विश्वविद्यालय की ओर से बनाई गई कमेटी की मौजूदगी में ही प्रश्नपत्र खोले जाएंगे।



पूरी प्रक्रिया को कैमरे में रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके बाद परीक्षा से जुड़ी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजनी होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने तक पूरी तरह सुरक्षित रहे।



WhatsApp पर वायरल हुए थे प्रश्नपत्र

IGKV में पेपर लीक का मामला उस समय सामने आया था, जब कुछ प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही WhatsApp पर वायरल हो गए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित परीक्षाओं को तुरंत स्थगित कर दिया था।



शुरुआत में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय का पेपर लीक होने की जानकारी सामने आई थी। जांच आगे बढ़ने पर दो और विषयों के प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया। इनमें बीएससी प्रथम वर्ष का प्लांट पैथोलॉजी और प्रथम वर्ष द्वितीय सेमेस्टर का फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स विषय शामिल था।



निजी कॉलेज से सामने आया था मामला

जांच में सामने आया कि दुर्ग के एक निजी कॉलेज से प्रश्नपत्र लीक हुआ था। मामले में कॉलेज के एक प्रोफेसर और कुछ छात्रों की भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।



विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया। पेपर लीक की घटना के बाद प्रश्नपत्र वितरण प्रक्रिया पर कई सवाल उठे थे।



परीक्षा व्यवस्था पर उठे थे सवाल

लगातार तीन विषयों के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद IGKV की परीक्षा प्रणाली सवालों के घेरे में आ गई थी। सबसे बड़ा सवाल यह था कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र कॉलेज तक कैसे पहुंच गए।



इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। अब प्रश्नपत्रों को डिजिटल माध्यम से भेजने और पासवर्ड सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।



दो ऑब्जर्वर निलंबित, परीक्षा प्रभारी पर भी कार्रवाई

पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई भी की थी। दो महिला ऑब्जर्वर को निलंबित किया गया था। इसके अलावा स्नातक स्तर के परीक्षा प्रभारी को जिम्मेदारी से हटा दिया गया था।



हालांकि, परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। अब विश्वविद्यालय के सामने चुनौती है कि नई व्यवस्था के तहत परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से कराया जाए।



नई प्रणाली के जरिए IGKV प्रशासन परीक्षा प्रक्रिया में भरोसा वापस लाने की कोशिश कर रहा है। अब देखना होगा कि पासवर्ड प्रोटेक्टेड ई-मेल और निगरानी व्यवस्था आने वाली परीक्षाओं में कितनी प्रभावी साबित होती है।



FAQ

  1. IGKV में प्रश्नपत्र भेजने की नई व्यवस्था क्या होगी?
    अब प्रश्नपत्र कॉलेजों को पासवर्ड प्रोटेक्टेड ई-मेल के जरिए भेजे जाएंगे। परीक्षा से कुछ समय पहले ही पासवर्ड दिया जाएगा।
  2. IGKV पेपर लीक मामले में कौन-कौन सी परीक्षाएं प्रभावित हुई थीं?
    बीएससी कृषि के एंटोमोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी और फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स विषयों के प्रश्नपत्र लीक हुए थे।
  3. नई व्यवस्था में प्रश्नपत्र कैसे खोला जाएगा?
    प्रश्नपत्र कमेटी की मौजूदगी में खोला जाएगा। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

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