IGKV Paper Leak: प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार, व्हाट्सएप के जरिए लीक किया था पेपर

Harrison Masih | Aug 22, 2026, 13:07 IST
IGKV में पेपर लीक
IGKV पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। परीक्षा से सिर्फ दो घंटे पहले WhatsApp पर वायरल हुए पेपर का कनेक्शन दुर्ग के निजी कॉलेज से मिला। पुलिस ने 36 घंटे के भीतर प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

समझें क्या है पूरा मामला

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय यानी IGKV की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में पेपर लीक का कनेक्शन दुर्ग के एक निजी कॉलेज से सामने आया है।



पुलिस ने मामले में एक प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान कुछ छात्रों की भूमिका भी सामने आई है। घटना सामने आने के महज 36 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ लिया गया।



पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर पुलिस की सतत मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मामले को सुलझा लिया गया।



मास्टरमाइंड निकला प्रोफेसर

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। इस खुलासे के लिए 100 से ज्यादा पुलिस टीमों ने 36 घंटे में काम किया।



कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में पुलिस टीमें भेजी गई थीं।



परीक्षा से दो घंटे पहले वायरल हुआ पेपर

20 अगस्त को IGKV की एंटोमोलॉजी की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के जरिए छात्रों तक पहुंच गया था।



पेपर वायरल होने की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा स्थगित कर दी थी। मामले की शिकायत तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई गई थी।



चार जिलों में दबिश, पकड़े गए आरोपी

पुलिस ने जांच के दौरान रायपुर के अलावा दुर्ग, कवर्धा, राजनांदगांव और बिलासपुर में दबिश दी। तकनीकी जांच, मोबाइल और व्हाट्सएप चैट के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों तक पहुंच बनाई।



इसके बाद प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को आशंका है कि प्रश्नपत्र पहले दुर्ग के निजी कॉलेज से बाहर निकला और इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया।



16 से ज्यादा लोगों से हुई पूछताछ

जांच में कुछ छात्रों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किस स्तर पर लीक हुआ और इसे किन-किन लोगों तक भेजा गया।



मामले में अब तक 16 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। कवर्धा के दो छात्रों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है।



आगे भी जारी रहेगी जांच

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल चैट और तकनीकी सबूतों की जांच के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।



यह अभी स्पष्ट नहीं है कि आने वाले दिनों में और कितने लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।



सीएम साय ने दिए थे सख्त निर्देश

IGKV के पेपर लीक मामले को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच के निर्देश दिए थे।



इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सबूतों और मोबाइल चैट की जांच के आधार पर कार्रवाई तेज की। जांच में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।



अब आगे क्या

पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पेपर किस-किस स्तर से होकर छात्रों तक पहुंचा। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन को भी आगे परीक्षा प्रणाली की समीक्षा करनी पड़ सकती है।



आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि गिरफ्तार आरोपियों पर क्या कानूनी कार्रवाई होती है और परीक्षा को दोबारा कब आयोजित किया जाता है।



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