केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं बस्तर आईजी सुंदरराज, NIA में बड़ी जिम्मेदारी की चर्चा

Arun Tiwari | May 23, 2026, 15:00 IST
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नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी. के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि उन्हें एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसी में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

Raipur. बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों को नई दिशा देने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी. जल्द ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। प्रशासनिक और पुलिस महकमे में इस बात की चर्चा तेज है कि उन्हें केंद्र सरकार की किसी महत्वपूर्ण एजेंसी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में उनकी नियुक्ति को लेकर विचार किया जा रहा है।



नक्सल खात्मे में अहम रोल:

2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी. लंबे समय से बस्तर क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। वे उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार काम करते हुए सुरक्षा रणनीति को मजबूत किया। बस्तर में उनकी पहचान एक सख्त लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारी के रूप में रही है। उनके नेतृत्व में कई बड़े नक्सल विरोधी अभियान चलाए गए, जिनमें सुरक्षा बलों को उल्लेखनीय सफलता मिली।



दिल्ली जाने की चर्चा:

सूत्रों के अनुसार हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जगदलपुर दौरे के दौरान उनसे आईजी सुंदरराज पी की मुलाकात भी हुई थी। इसके बाद से उनके दिल्ली जाने की अटकलों ने और जोर पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे मामले में सुंदरराज पी. का कहना है कि प्रतिनियुक्ति और पदस्थापना पूरी तरह शासन का विषय है और इस पर अंतिम निर्णय सरकार ही लेती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान वर्तमान जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने पर है।



बस्तर में लंबे समय से तैनात:

बस्तर में अपने कार्यकाल के दौरान सुंदरराज पी. ने सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विश्वास बहाली की दिशा में भी काम किया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कैंप स्थापित करने, सुरक्षा बलों की पहुंच बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही कारण है कि वे बस्तर में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं।



कई बड़े नक्सली एनकाउंटर:

उनके नेतृत्व में कई बड़े नक्सली मुठभेड़ों को अंजाम दिया गया। सुरक्षा बलों ने कई मोस्ट वांटेड नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें हिड़मा और बसवराज जैसे बड़े नक्सली लीडर शामिल हैं। इससे नक्सली नेटवर्क पर भी दबाव बना। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बीते कुछ वर्षों में बस्तर में नक्सल गतिविधियों में आई कमी के पीछे मजबूत रणनीति और लगातार ऑपरेशन बड़ी वजह रहे हैं।



पहली बार प्रतिनियुक्ति की चर्चा:

यह पहली बार नहीं है जब सुंदरराज पी. के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की चर्चा हो रही है। इससे पहले भी उनका चयन हैदराबाद स्थित पुलिस अकादमी के लिए किया गया था, लेकिन उस समय बस्तर में चल रहे बड़े नक्सल विरोधी अभियानों के कारण उन्हें केंद्र में भेजने की मंजूरी नहीं मिल सकी थी।



अब जबकि बस्तर में सुरक्षा स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर मानी जा रही है और विकास कार्यों को भी गति मिली है, ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का रास्ता साफ हो सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इस संभावना को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।



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