छत्तीसगढ़ में ISI , ड्रग्स और हथियार नेटवर्क: सुरक्षा की नई चुनौती
RAIPUR : लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से जूझते रहे छत्तीसगढ़ के सामने अब एक नया और गंभीर सुरक्षा खतरा उभरता दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में सामने आए मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, ड्रग्स तस्करी और अवैध हथियारों की गतिविधियों की ओर खींचा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन घटनाओं के तार राज्य के बाहर और कुछ मामलों में देश की सीमाओं के पार तक जुड़े हो सकते हैं।
ISI नेटवर्क की पड़ताल :
हाल ही में जांजगीर चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र में पुलिस ने पंजाब के तरनतारन निवासी 23 वर्षीय युवक सेवक सिंह को गिरफ्तार किया। वह किराये के मकान में रह रहा था और किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस की नजर में आया। जांच के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, वीडियो कॉल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका व्यक्त की गई कि उसके संपर्क पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क से हो सकते हैं। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है, लेकिन इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी संवेदनशील जानकारी, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों या रणनीतिक स्थानों से संबंधित सूचनाएं विदेशी नेटवर्क तक पहुंचा रहा था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
ड्रग्स तस्करी पर भी अलर्ट :
इसी बीच राज्य में नशा तस्करी के मामलों ने भी चिंता बढ़ाई है। दुर्ग जिले में हाल ही में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए। जांच में सामने आया कि आरोपी पंजाब के अमृतसर क्षेत्र से जुड़े हुए थे और नशीले पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पंजाब से छत्तीसगढ़ तक ड्रग्स सप्लाई करने वाला यह नेटवर्क काफी सक्रिय था। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गिरोह का संबंध किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से है। राज्य में लगातार बढ़ते नशा कारोबार को देखते हुए एजेंसियां अब इसके वित्तीय और अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।
आर्म्स स्मगलिंग का कनेक्शन :
हथियारों की तस्करी से जुड़े मामलों ने भी सुरक्षा तंत्र की चिंता बढ़ा दी है। दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में पुलिस ने अमृतसर निवासी निर्मल सिंह को गिरफ्तार किया। उसके पास से छह लोहे की तलवारें बरामद की गईं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी के पास हथियारों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस नहीं था।
उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इससे पहले रायपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी अवैध हथियारों की बरामदगी का मामला सामने आ चुका है। लगातार मिल रहे ऐसे मामलों ने यह आशंका बढ़ा दी है कि राज्य में बाहरी नेटवर्क अपनी जड़ें मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं ड्रग्स और हथियार तस्करी के नेटवर्क आपस में जुड़े हुए तो नहीं हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट :
विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सलवाद के कमजोर पड़ने के बाद अपराधी और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क नए क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक विस्तार और अन्य राज्यों से बेहतर संपर्क इसे ऐसे नेटवर्कों के लिए संवेदनशील बना सकते हैं।
निष्कर्ष :
फिलहाल पुलिस, खुफिया एजेंसियां और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां इन मामलों की गहन जांच में जुटे हैं। हालांकि अभी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने यह संकेत जरूर दिया है कि राज्य को अब पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के साथ-साथ ड्रग्स, अवैध हथियारों और संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय संपर्कों से जुड़े नए खतरों पर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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