जगदलपुर नगर निगम : पीएम आवास पर छिड़ा घमासान, 1200 फॉर्म रिजेक्ट

Aishwarya Dwivedi | Jul 18, 2026, 17:02 IST
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जगदलपुर-PM-आवास-योजना-अस्वीकार
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जगदलपुर नगर निगम में प्रधानमंत्री आवास योजना पर भारी बवाल मचा है। विपक्ष का आरोप है कि कड़े नियमों के कारण 1600 में से 1200 गरीबों के आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना पर बड़ा विवाद शुरू हो गया है। नगर निगम में आवेदनों के आंकड़ों को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। विपक्ष का आरोप है कि करीब 1600 आवेदनों में से 1200 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं। नियमों और जरूरी कागजों की लंबी लिस्ट गरीबों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। बेघर परिवार अब भी अपने पक्के मकान के लिए नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं।

जगदलपुर में पीएम आवास पर भारी सियासत

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY – Pradhan Mantri Awas Yojana) को लेकर घमासान मचा है। छत्तीसगढ़ की सियासत में इस समय यह मुद्दा सबसे ज्यादा गर्म दिखाई दे रहा है। जगदलपुर नगर निगम में आवास के आवंटन को लेकर कड़ा विवाद छिड़ गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस मामले में अलग-अलग दावे कर रहे हैं। दोनों के दावों में जमीन-आसमान का बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इस खींचतान के बीच गरीब और जरूरतमंद परिवार पूरी तरह से पिस रहे हैं। उनका अपने खुद के पक्के घर का सपना अब टूटता हुआ नजर आ रहा है।

नगर निगम और विपक्ष के दावों में अंतर

इस पूरे मामले में जगदलपुर नगर निगम प्रशासन ने अपने आंकड़े जारी किए हैं। नगर निगम का दावा है कि इस योजना में कुल 2036 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही निगम ने 1855 मकानों पर काम शुरू होने की बात कही है। प्रशासन के मुताबिक धरातल पर काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। दूसरी तरफ नगर निगम के विपक्ष ने सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि कुल 1600 परिवारों ने आवेदन किया था। इनमें से लगभग 1200 आवेदन अलग-अलग कारणों से सीधे रिजेक्ट कर दिए गए हैं। कई आवेदनों को होल्ड पर डाल दिया गया है। विपक्ष के इस आरोप के बाद शहर की राजनीति काफी गरमा गई है।

इन कड़े नियमों ने बढ़ाई गरीबों की मुश्किलें

गरीब परिवारों के आवेदन निरस्त होने के पीछे कई तरह के कड़े नियम सामने आए हैं। सबसे बड़ी बाधा अगस्त 2015 से पहले का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) देने की शर्त बनी है। इसके अलावा मतदाताओं के पास वैध वोटर आईडी (EPIC – Electors Photo Identity Card) होना भी जरूरी है। जनगणना की सूची में नाम होना और परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से कम होना भी अनिवार्य है। इन सभी दस्तावेजों को एक साथ जमा करना गरीबों के लिए बहुत मुश्किल हो रहा है। कागजों की थोड़ी सी भी कमी होने पर आवेदन को तुरंत खारिज किया जा रहा है।

मकान तैयार लेकिन आवंटन की रफ्तार बेहद धीमी

जगदलपुर के धरमपुरा और देवकी क्षेत्र में इस योजना के तहत मकान बनाए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में 346 पक्के मकान पूरी तरह बनकर तैयार हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक केवल 303 हितग्राहियों को ही घर मिल सका है। शेष बचे मकानों के लिए पात्र परिवार अभी भी अंतिम सूची का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में 116 मकान अब भी निर्माणाधीन अवस्था में हैं। इन मकानों का काम पूरा होने में अभी काफी समय लग सकता है।

अंशदान जमा करना भी बना बड़ी चुनौती

इस योजना के तहत गरीबों को घर पाने के लिए खुद की जेब से भी पैसा देना होता है। प्रत्येक हितग्राही को कुल लागत का करीब 10 प्रतिशत अंशदान जमा करना पड़ता है। यह राशि लगभग 38 हजार रुपये के आसपास बैठती है। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी मिलने के बाद भी एक मकान की कुल लागत 3 लाख रुपये तक पहुंच रही है। इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। लोग कर्ज लेकर किसी तरह पैसे की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।

पारदर्शिता के नाम पर कागजी दीवार खड़ी

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह सख्त प्रक्रिया वाकई जरूरी थी? क्या पारदर्शिता के नाम पर गरीबों के सामने कागजों की एक बड़ी दीवार खड़ी कर दी गई है? नगर निगम प्रशासन अब भी अपने दावों को सही ठहराने में जुटा है। दूसरी तरफ शहर में दावों और आपत्तियों को लेकर स्क्रूटनी (Scrutiny) की प्रक्रिया लगातार चल रही है। अब देखना होगा कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त होने की जिम्मेदारी किसकी तय होती है। बेघर हो चुके गरीब परिवारों को उनका हक कब तक मिल पाता है, यह बड़ा सवाल है।

FAQ

  1. जगदलपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर क्या विवाद है?
    उत्तर: जगदलपुर नगर निगम में पीएम आवास के आवेदनों के रिजेक्शन को लेकर विवाद है। विपक्ष का आरोप है कि 1600 में से 1200 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि निगम 2036 आवेदन स्वीकृत होने का दावा कर रहा है।
  2. पीएम आवास का आवेदन रिजेक्ट होने के मुख्य कारण क्या हैं?
    उत्तर: आवेदन रिजेक्ट होने का मुख्य कारण कड़े नियम और दस्तावेजों की कमी है। इनमें अगस्त 2015 से पहले का निवास प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, जनगणना सूची में नाम और आय प्रमाण पत्र शामिल हैं।


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