सरकारी अस्पताल में परिवार नियोजन राशि घोटाला : भृत्य के खाते से मिले लाखों
समझें क्या है पूरा मामला
- जिला अस्पताल में 8.80 लाख का खेल!
- फर्जी भुगतान से मचा हड़कंप
- सरकारी राशि पर बड़ा सवाल
- भृत्य के खाते में मिले लाखों
- जांच के घेरे में अस्पताल
Janjgir-Champa। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला अस्पताल में सरकारी योजना की राशि में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। परिवार नियोजन ऑपरेशन के बाद हितग्राहियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान में कथित फर्जीवाड़े की शिकायत मिली है। आरोप है कि बिना वास्तविक लाभार्थियों तक राशि पहुंचाए फर्जी दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर करीब 8.80 लाख रुपए का भुगतान दिखाया गया।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने अब पूरे मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति भुगतान प्रक्रिया, दस्तावेजों और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी।
शिकायत मिलते ही बैंक खाता किया गया फ्रीज
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने संबंधित बैंक खाते को तत्काल फ्रीज करा दिया है। अब इस खाते से जुड़े सभी लेनदेन की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि प्रोत्साहन राशि किन लोगों के नाम पर जारी की गई, पैसा किन खातों में पहुंचा और भुगतान के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए थे। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन से सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जांच में किसी तरह की परेशानी न हो।
जनवरी 2023 से फरवरी 2026 तक के रिकॉर्ड की होगी जांच
राज्य स्तरीय जांच समिति को जिला अस्पताल में जनवरी 2023 से फरवरी 2026 तक परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच करनी है। इसके अलावा प्रेरक और स्वीपरों को किए गए भुगतान की भी जानकारी मांगी गई है। जांच टीम भुगतान रजिस्टर, बैंक रिकॉर्ड, लाभार्थियों की सूची और अन्य दस्तावेजों का मिलान करेगी। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि गड़बड़ी कितनी बड़ी है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भृत्य के खाते से 8.56 लाख के लेनदेन का खुलासा
जांच के दौरान जिला अस्पताल के एक भृत्य के बैंक खाते से 8.56 लाख रुपए के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। इस मामले ने जांच को और गंभीर बना दिया है। हालांकि संबंधित भृत्य ने अपने बैंक खाते के इस्तेमाल की जानकारी से इनकार किया है। अब जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि खाते का संचालन किसके द्वारा किया गया और इतनी बड़ी रकम उसमें कैसे पहुंची। जांच टीम बैंक स्टेटमेंट, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करेगी। इसके बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
विधानसभा में भी उठा था मामला
जिला अस्पताल में कथित अनियमितताओं का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप ने इस मामले में सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। विधायक ने कहा था कि सरकारी योजनाओं की राशि में किसी भी तरह की गड़बड़ी गंभीर अपराध है। केवल जांच तक मामला सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
जीवनदीप समिति की नियुक्तियों की भी होगी जांच
परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि के अलावा जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति के तहत हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच भी की जाएगी। राज्य स्तरीय समिति को इस संबंध में मिली शिकायतों की भी जांच करनी है। इससे अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं और भुगतान प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
27 जुलाई को अस्पताल पहुंचेगी जांच टीम
स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार राज्य स्तरीय जांच समिति 27 जुलाई 2026 को सुबह 10:30 बजे जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा पहुंचेगी। समिति अस्पताल प्रबंधन से सभी जरूरी दस्तावेज, भुगतान से जुड़ी जानकारी और रिकॉर्ड मांगेगी। जांच पूरी होने के बाद एक महीने के भीतर रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी।
जांच समिति में ये अधिकारी शामिल
केएस मरावी – वित्त नियंत्रक (अध्यक्ष)
प्रेमलता चंदेल – संयुक्त संचालक
भावेश दुबे – अपर संचालक वित्त, NHM
टीके टोण्डर – उप संचालक परिवार कल्याण
शैल्विन मिका – राज्य वित्त प्रबंधक
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि यह लापरवाही थी या सुनियोजित वित्तीय गड़बड़ी। दोषी पाए जाने वालों पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
IMP FACTS
स्थान: जिला अस्पताल, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़
मामला: परिवार नियोजन प्रोत्साहन राशि भुगतान में कथित अनियमितता
संदिग्ध भुगतान राशि: करीब 8.80 लाख रुपए
जांच में सामने आया लेनदेन: एक भृत्य के खाते से 8.56 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन
जांच अवधि: जनवरी 2023 से फरवरी 2026 तक के रिकॉर्ड की जांच होगी
कार्रवाई: संबंधित बैंक खाते को फ्रीज किया गया
जांच एजेंसी: राज्य स्तरीय जांच समिति
जांच टीम का दौरा: 27 जुलाई 2026 सुबह 10:30 बजे
रिपोर्ट अवधि: जांच समिति कोएक महीने में रिपोर्ट सौंपनी होगी
विधानसभा में मामला: जांजगीर-चांपा विधायकव्यास कश्यप ने मुद्दा उठाया था
अन्य जांच: जीवनदीप समिति के तहत हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की भी जांच होगी
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