फेसबुक पोस्ट पर एक्शन, जनमन पत्रिका के सलाहकार अनिल द्विवेदी बर्खास्त
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ सरकार की पत्रिका जनमन के संपादकीय सलाहकार डॉ अनिल द्विवेदी को सेवा से हटा दिया गया है। उन्होंने फेसबुक पर आरक्षण को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। छत्तीसगढ़ संवाद ने इस पर तुरंत कार्रवाई की है। संस्था ने प्लेसमेंट एजेंसी को पत्र लिखकर उनकी सेवाएं वापस लेने को कहा है। यह कार्रवाई तय शर्तों के उल्लंघन के आधार पर की गई है।
किसने और क्यों की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ संवाद ने प्राइमवन वर्कफोर्स प्राइवेट लिमिटेड को एक औपचारिक पत्र भेजा है। यह पत्र एक अगस्त 2026 को जारी हुआ है। पत्र में साफ लिखा है कि डॉ अनिल द्विवेदी की सेवाएं तुरंत समाप्त की जाएं।
पत्र में हवाला दिया गया है कि डॉ द्विवेदी छत्तीसगढ़ संवाद में वरिष्ठ संपादकीय सलाहकार के तौर पर कार्यरत थे। उनकी नियुक्ति एक टेंडर के जरिए हुई थी, जिसका क्रमांक GEM/2025/B/6454317 है। यह टेंडर 15 जुलाई 2025 को जारी हुआ था।
फेसबुक टिप्पणी बनी वजह
पत्र के मुताबिक डॉ द्विवेदी ने सार्वजनिक तौर पर आरक्षण को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। यह टिप्पणी उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर की थी। संस्था का कहना है कि यह टिप्पणी उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थी।
पत्र में यह भी कहा गया है कि उनकी टिप्पणी शासकीय पत्रिका के वरिष्ठ संपादकीय सलाहकार के दायित्व और मर्यादा के खिलाफ है। साथ ही यह शासकीय नीति निर्देशों का भी स्पष्ट उल्लंघन बताया गया है।
टेंडर शर्तों का हवाला
पत्र में साफ लिखा है कि डॉ द्विवेदी का यह आचरण निविदा नियम और शर्त की धारा छह का भी उल्लंघन है। इसी आधार पर संस्था ने उनकी सेवाएं तत्काल समाप्त करने का फैसला लिया।
छत्तीसगढ़ संवाद ने प्राइमवन वर्कफोर्स को निर्देश दिया है कि इस संबंध में जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह पत्र संस्था के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अनुमति से जारी किया गया है।
जनमन पत्रिका और सलाहकार पद
जनमन छत्तीसगढ़ सरकार की आधिकारिक पत्रिका है। इसे राज्य के जनसंपर्क विभाग की सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ संवाद प्रकाशित करती है। डॉ अनिल द्विवेदी इस पत्रिका में संपादकीय सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे।
सरकारी पत्रिका से जुड़े होने के कारण उनकी टिप्पणी को लेकर विवाद और गहरा हो गया। संस्था ने इसे गंभीरता से लेते हुए तेजी से कार्रवाई की।
यह खबरें भी पढ़ें...
बिजली बिल में डूबे छत्तीसगढ़ सरकारी विभाग, निकायों पर सबसे ज्यादा बकाया
छत्तीसगढ़ सरकार कर रही अपनी पर्देदारी, आरटीआई के एक लाख आवेदन पर नहीं दी जानकारी
कमेटी गठन पर छत्तीसगढ़ सरकार सख्त, GAD ने बदले नियम
पंचायत सचिवों को मिली छुट्टी, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने बांध दिए हाथ