गणेश उत्सव में जबरिया चंदा लिया तो जशपुर पुलिस भेजेगी सीधे जेल
गणेश चतुर्थी आते ही सड़क पर चंदा वसूली का खेल शुरू हो जाता है। पूजा समितियों के नाम पर कई जगह वाहन रोककर लोगों से जबरन पैसे लिए जाते हैं। अब जशपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि त्योहार के नाम पर ऐसा दबाव किसी कीमत पर नहीं चलेगा।
14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के पहले ही पुलिस ने जिलेभर के थाना और चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार यह आदेश लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है।
वाहन रोका तो कार्रवाई
पुलिस को शिकायतें मिल रही थीं कि गणेश उत्सव समितियों से जुड़े लोग मुख्य सड़कों पर वाहनों को रोककर चंदा मांगते हैं। कई बार वाहन चालकों को आगे जाने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। इससे सड़क पर जाम और विवाद की स्थिति भी बनती है। पुलिस ने अब ऐसे लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।
सड़क पर पुलिस का पहरा
जिले की मुख्य सड़कों पर पुलिस की लगातार गश्त रहेगी। थाना और चौकी प्रभारियों को अपने इलाकों में खास नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस यह देखेगी कि पूजा के नाम पर कहीं सड़क घेरकर या वाहन रोककर पैसे तो नहीं मांगे जा रहे। जहां ऐसी हरकत मिलेगी, वहां मौके पर कार्रवाई की जाएगी।
त्योहार है, मनमानी नहीं
गणेश पूजा के नाम पर चंदा लेना और जबरिया वसूली करना दो अलग बातें हैं। पुलिस ने इसी फर्क को साफ किया है। लोग अपनी इच्छा से सहयोग करें, लेकिन किसी वाहन चालक को रोककर पैसे लेने की छूट नहीं होगी। पुलिस का संदेश साफ है कि धार्मिक आयोजन की आड़ में आम लोगों को परेशान करने की कोशिश भारी पड़ेगी।
जाम लगाने वालों पर भी नजर
पुलिस के आदेश में यातायात को लेकर भी सख्ती बरतने को कहा गया है। मुख्य रास्तों पर किसी भी तरह की रुकावट नहीं बनने दी जाएगी।
सड़क पर भीड़ लगाकर चंदा वसूलने या रास्ता रोकने वालों पर पुलिस नजर रखेगी। यानी इस बार पूजा पंडाल से ज्यादा पुलिस की नजर सड़क पर होने वाली वसूली पर रहेगी।
थानेदारों को जिम्मेदारी
सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने इलाके में निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि इलाके की स्थिति पर नजर रखें और कार्रवाई की जानकारी दर्ज करें। आदेश की जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, यातायात शाखा और कंट्रोल रूम तक भी भेजी गई है।
पुलिस का सीधा संदेश
जशपुर पुलिस ने त्योहार शुरू होने से पहले ही अपना रुख साफ कर दिया है। पूजा के नाम पर श्रद्धा से लिया गया सहयोग अलग बात है, लेकिन डराकर या सड़क रोककर पैसा लेना अब मुसीबत बन सकता है। गणेश उत्सव मनाइए, लेकिन सड़क को वसूली का अड्डा बनाया तो पुलिस सीधे कानून का रास्ता दिखाएगी।
FAQ
- क्या गणेश उत्सव के लिए चंदा देना अनिवार्य है?
नहीं, चंदा देना पूरी तरह से ऐच्छिक है। कोई भी समिति आपको पैसे देने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। - क्या स्वेच्छा से चंदा देने पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी?
नहीं, अपनी इच्छा और श्रद्धा से दिए गए सहयोग पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। कार्रवाई केवल डराने या गाड़ी रोककर जबरदस्ती वसूली करने वालों पर होगी।
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