झीरम कांड मामले में अंतिम सुनवाई पूरी, जानें कब आएगा फैसला
समझें क्या है पूरा मामला
- झीरम कांड में अंतिम सुनवाई पूरी, 31 अगस्त को फैसला
- NIA कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, अब तारीख तय
- 13 साल पुराने झीरम हमले का आएगा फैसला
- झीरम कांड: आरोपियों पर फैसले का इंतजार खत्म
- नक्सली हमले के मामले में अब अंतिम निर्णय
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम कांड मामले में NIA की विशेष अदालत में चल रही सुनवाई पूरी हो गई है। तीन दिनों तक चली अंतिम बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में 31 अगस्त को फैसला सुनाया जाएगा।
मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें कोर्ट के सामने रखीं। सोमवार को NIA की ओर से अंतिम तर्क पेश किए गए। इसके बाद मंगलवार को बचाव पक्ष ने अपना पक्ष रखा। बुधवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाने की तारीख तय कर दी।
10 आरोपियों के खिलाफ चल रही थी सुनवाई
झीरम कांड की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की थी। जांच के दौरान कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। NIA की रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 35 लोग घायल हुए थे।
इस मामले में 4 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा बड़ी संख्या में माओवादी गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी आरोपी बनाया गया। जांच के दौरान NIA ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई जारी थी। अंतिम सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों पक्षों ने अब अदालत के फैसले का इंतजार करने की बात कही है।
25 मई 2013 को हुआ था झीरम हमला
झीरम कांड 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की झीरम घाटी में हुआ था। उस समय कांग्रेस पार्टी की परिवर्तन यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा का काफिला झीरम घाटी से गुजर रहा था, तभी घात लगाए बैठे माओवादियों ने हमला कर दिया था।
इस हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत सुरक्षाकर्मी और आम लोग मारे गए थे। इस घटना में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल और बस्तर टाइगर के नाम से पहचाने जाने वाले महेंद्र कर्मा की मौत हो गई थी। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल समस्या को लेकर कई सवाल उठे थे।
कांग्रेस ने लगाए थे गंभीर आरोप
झीरम हमले के बाद कांग्रेस ने तत्कालीन बीजेपी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए जांच की मांग की थी। वहीं जांच एजेंसियों ने इस मामले में नक्सली हमले के एंगल से जांच आगे बढ़ाई।
कई सालों तक चली जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद अब मामला अंतिम चरण में पहुंच गया है। अदालत के फैसले से यह साफ होगा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई तय होती है।
अब 31 अगस्त पर सभी की नजर
झीरम कांड को छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक और सुरक्षा घटनाओं में गिना जाता है। इस मामले में लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ित परिवारों और राजनीतिक दलों की नजर अब 31 अगस्त को आने वाले फैसले पर है।
FAQ
- झीरम कांड मामले में फैसला कब आएगा?
NIA की विशेष अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में 31 अगस्त को फैसला सुनाया जाएगा। - झीरम कांड कब और कहां हुआ था?
झीरम कांड 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की झीरम घाटी में हुआ था। यहां कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर माओवादियों ने हमला किया था। - झीरम कांड में कितने लोगों की मौत हुई थी?
NIA की जांच रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 35 लोग घायल हुए थे।
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